कर्नाटक पुलिस ने पिछले तीन वर्षों में राज्य भर में 911 अवैध प्रवासियों की पहचान की है, जिनमें से 365 लोग आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं। बेंगलुरु में प्रवासियों की बड़ी संख्या और विभिन्न देशों के नागरिकों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

  • पिछले 3 वर्षों में कर्नाटक में 911 अवैध प्रवासी चिन्हित किए गए।
  • कुल चिन्हित प्रवासियों में से 365 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  • बेंगलुरु में 5,304 विदेशियों की जांच की गई, जिनमें 446 अवैध रूप से रह रहे थे।
  • बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या सबसे अधिक (868) पाई गई।

कर्नाटक में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राज्य पुलिस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान कुल 911 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है। इनमें से 365 व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जो राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कर्नाटक विधान परिषद में इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ की गई है जो वैध दस्तावेजों के बिना या निर्धारित अवधि से अधिक समय तक राज्य में रह रहे थे। पुलिस ने इस पहचान प्रक्रिया के लिए 'डिस्ट्रिक्ट पुलिस मॉड्यूल' (DPM) और 'फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल' (FIP) का कुशलतापूर्वक उपयोग किया है।

बेंगलुरु: अवैध प्रवास का मुख्य केंद्र

रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, केवल बेंगलुरु शहर में ही 5,304 विदेशियों की जांच की गई, जिनमें से 446 को अवैध रूप से प्रवास करते हुए पाया गया। यह दर्शाता है कि राज्य की राजधानी प्रवासियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गई है। पुलिस अब अन्य जिलों में भी इसी तरह की गहन जांच कर रही है ताकि सुरक्षा खामियों को दूर किया जा सके।

राष्ट्रीयता के आधार पर विश्लेषण

अवैध प्रवासियों की सूची में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी संख्या बांग्लादेशी नागरिकों (868) की है। इसके बाद म्यांमार (20), नाइजीरिया (13), श्रीलंका (8), नेपाल (1) और युगांडा (1) का स्थान आता है।

सुरक्षा एजेंसियों द्वारा डिजिटल पोर्टल्स का उपयोग अवैध प्रवासियों की ट्रैकिंग में गेम-चेंजर साबित हो रहा है।

अपराध और विदेशी नागरिकता

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि चिन्हित किए गए 365 अपराधियों में विभिन्न देशों के लोग शामिल हैं। इसमें नाइजीरियाई नागरिकों (135) की संख्या सबसे अधिक है, जबकि बांग्लादेशी (48) और नेपाली (44) भी इस सूची में प्रमुखता से शामिल हैं। अन्य देशों जैसे म्यांमार, आइवरी कोस्ट, घाना और सूडान के नागरिक भी आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए गए हैं।

देशकुल अवैध प्रवासीअपराधिक मामले में शामिल
बांग्लादेश86848
नाइजीरिया13135
नेपाल144
म्यांमार2020

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि प्रवासियों की बढ़ती संख्या और उनके आपराधिक रिकॉर्ड के बीच का संबंध भविष्य में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

Did You Know?: पुलिस अब प्रवासियों की पहचान के लिए अत्याधुनिक AI-आधारित पोर्टल्स का उपयोग कर रही है ताकि ओवरस्टेइंग को तुरंत पकड़ा जा सके।

Frequently Asked Questions

1. पुलिस ने अवैध प्रवासियों की पहचान कैसे की?
पुलिस ने डिस्ट्रिक्ट पुलिस मॉड्यूल (DPM) और फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल (FIP) का उपयोग किया।

2. किन देशों के नागरिक सबसे अधिक संख्या में पाए गए?
सबसे अधिक संख्या बांग्लादेशी नागरिकों की है, उसके बाद म्यांमार और नाइजीरिया का नंबर आता है।