चेन्नई में एक व्यक्ति ने सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर एक ड्राइवर और उसके परिवार से 26.5 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी डेविड राजा को गिरफ्तार कर लिया है।
- आरोपी डेविड राजा ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ₹26.5 लाख की ठगी की।
- पीड़ित परिवार एक कार ड्राइवर और उसका भाई है।
- ठगी की यह घटना 2018 से शुरू हुई थी और कोविड-19 का बहाना बनाकर टालती रही।
- न्यू वॉशमैनपेट पुलिस ने आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है।
चेन्नई के न्यू वॉशमैनपेट इलाके में पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले का पर्दाफाश करते हुए 34 वर्षीय डेविड राजा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके एक कार ड्राइवर और उसके परिवार से कुल ₹26.5 लाख की भारी राशि हड़प ली।
मामले की शुरुआत 2018 में हुई थी, जब कोडुंगैयूर के तिरुवल्लुवर नगर निवासी 39 वर्षीय मुरली ने श्रम कल्याण विभाग में कार्यालय सहायक के पद के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान मुरली की मुलाकात डेविड राजा से हुई, जो उस समय तमिलनाडु सरकारी प्रेस में कार्यरत था। राजा ने मुरली को विश्वास में लिया और दावा किया कि उसके और उसकी माँ (जो वित्त विभाग में कार्यरत थी) के सरकारी अधिकारियों के साथ गहरे संबंध हैं।
ठगी का पूरा तरीका
आरोपी ने मुरली को स्कूल शिक्षा विभाग में ड्राइवर की नौकरी और उसकी पत्नी को लैब तकनीशियन का पद दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले में उसने प्रत्येक पद के लिए 6.5 लाख रुपये की मांग की। मुरली ने विश्वास करके दो किश्तों में ₹13 लाख का भुगतान कर दिया। इसके बाद, आरोपी ने मुरली के भाई शिवा और उसकी पत्नी के लिए भी वित्त विभाग में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे ₹13.5 लाख और वसूल लिए।
जब नौकरियां नहीं मिलीं, तो आरोपी ने 2020 में COVID-19 महामारी का बहाना बनाकर मामले को टालना शुरू कर दिया। अंततः, जब पैसे वापस नहीं मिले और नौकरियां भी नहीं मिलीं, तो पीड़ित परिवार ने पुलिस की शरण ली।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकारी नौकरियों के नाम पर होने वाली यह ठगी समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निशाना बनाती है। ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर सरकारी विभागों में कार्यरत होने का ढोंग करते हैं ताकि वे पीड़ित का विश्वास जीत सकें।
सरकारी नौकरी के नाम पर धन की मांग करना एक गंभीर अपराध है; हमेशा आधिकारिक भर्ती प्रक्रियाओं पर ही भरोसा करें।
Frequently Asked Questions
1. आरोपी ने पैसे वापस करने के लिए क्या बहाना बनाया?
आरोपी ने 2020 में कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए पैसे लौटाने में देरी करने का बहाना बनाया।
2. पीड़ित परिवार ने क्या किया?
पैसे और नौकरी न मिलने पर पीड़ित मुरली ने न्यू वॉशमैनपेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।