शिवगंगा पहाड़ी पर ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय के मामले में पुलिस ने नया मोड़ लिया है। अब पुलिस को संदेह है कि वह आत्महत्या करने के बजाय जानबूझकर गायब हुआ है।
- अद्वैत उपाध्याय 7 अगस्त से शिवगंगा पहाड़ी पर अकेले ट्रेकिंग के दौरान लापता हैं।
- शुरुआती जांच में आत्महत्या का संदेह था, लेकिन अब पुलिस इसे जानबूझकर किया गया पलायन मान रही है।
- मोबाइल की अंतिम लोकेशन रामनगर जिले के कुदुर में मिली है।
- पुलिस अब उसके बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों पर नजर रख रही है।
बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में कार्यरत 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल अद्वैत उपाध्याय की रहस्यमयी गुमशुदगी ने पूरे शहर को चौंका दिया है। लगभग दो सप्ताह पहले शिवगंगा पहाड़ी पर अकेले ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए उपाध्याय के मामले में पुलिस ने अब एक चौंकाने वाला निष्कर्ष निकाला है। शुरुआती जांच में जहां आत्महत्या की आशंका जताई जा रही थी, वहीं अब पुलिस का मानना है कि वह जीवित है और उसने जानबूझकर खोज अभियान को गुमराह किया है।
अद्वैत, जो कि एक प्रतिष्ठित फाइनेंस फर्म में काम करते हैं, 7 अगस्त की सुबह ट्रेकिंग के लिए निकले थे। उन्होंने अपनी मंगेतर प्राप्ति चौहान को फोन कर कहा था कि वह दोपहर तक वापस आ जाएंगे, लेकिन वह कभी नहीं लौटे। उनके फोन का संपर्क टूट गया और तब से उनका कोई सुराग नहीं मिला है।
जांच में आए नए मोड़
शुरुआत में, पुलिस का ध्यान अद्वैत के लैपटॉप पर किए गए कुछ सर्च की ओर गया था, जिसमें उन्होंने आत्महत्या के संभावित स्थानों के बारे में जानकारी खोजी थी। इस आधार पर पुलिस ने माना कि यह एक आत्महत्या का मामला हो सकता है। हालांकि, जब NDRF, SDRF और स्थानीय विशेषज्ञों ने 'शांताला ड्रॉप' जैसे दुर्गम इलाकों की गहन तलाशी ली, तो वहां से कोई भी सबूत जैसे कपड़े, बैग या शरीर नहीं मिला।
'अगर यह आत्महत्या होती, तो कम से कम उनके कपड़ों या सामान का कोई हिस्सा तो मिलता। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने लोगों का ध्यान भटकाने की योजना बनाई थी।' - ज्योति राजू, बचाव विशेषज्ञ।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक लापता व्यक्ति का नहीं, बल्कि डिजिटल फुटप्रिंट और व्यक्तिगत जीवन के जटिल अंतर्संबंधों का है। पुलिस को अब अद्वैत के मोबाइल की अंतिम लोकेशन रामनगर जिले के कुदुर में मिली है, जो ट्रेकिंग साइट से काफी अलग है। यह भौगोलिक विसंगति इस सिद्धांत को बल देती है कि वह अपनी योजना के तहत कहीं और जा चुके हैं।
पुलिस अब अद्वैत के व्यक्तिगत जीवन की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, उनकी आगामी शादी को लेकर कुछ पारिवारिक तनाव थे और उनके डिजिटल रिकॉर्ड से किसी अन्य महिला के साथ संपर्क के संकेत भी मिले हैं।
| तुलना का आधार | शुरुआती संदेह (आत्महत्या) | वर्तमान सिद्धांत (जानबूझकर गायब होना) |
|---|---|---|
| डिजिटल साक्ष्य | लैपटॉप पर सुसाइड सर्च | रामनगर में मोबाइल लोकेशन |
| शारीरिक साक्ष्य | कोई अवशेष नहीं मिला | सामान और शरीर का पूर्ण अभाव |
| मुख्य कारण | मानसिक तनाव | पारिवारिक/व्यक्तिगत कारणों से पलायन |
Frequently Asked Questions
1. अद्वैत उपाध्याय कहाँ लापता हुए थे?
वह बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित शिवगंगा पहाड़ी पर अकेले ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए थे।
2. पुलिस को अब क्या लगता है?
पुलिस को अब संदेह है कि वह जीवित हैं और उन्होंने जानबूझकर अपने परिवार और पुलिस को गुमराह करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है।