छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है जो रसायनों के जरिए काले पड़ चुके नोटों को नया बनाने और पैसा दोगुना करने का झांसा देकर लोगों को ठगता था। इस छापेमारी में महाराष्ट्र से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है।
- छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय मुद्रा दोहरीकरण गिरोह का भंडाफोड़ किया।
- महाराष्ट्र के पुणे जिले के खंडाला में छापेमारी कर सात आरोपियों को पकड़ा गया।
- गिरोह ₹4 करोड़ से अधिक की नकदी, मोबाइल फोन और जाली सामग्री के साथ पकड़ा गया।
- यह गिरोह 2005 से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, यूपी, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली में सक्रिय था।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को रसायनों के माध्यम से काले और खराब हो चुके नोटों को नया बनाने और बदले में उनका पैसा दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का भंडाफोड़ नागपुर में गिरफ्तार दो महिला साथियों से मिली जानकारी के बाद हुआ। पुलिस की एक विशेष टीम ने पुणे जिले के खंडाला में एक रिसॉर्ट पर छापेमारी की, जहाँ आरोपी वाराणसी के एक निवासी को ठगने की कोशिश कर रहे थे। वह व्यक्ति अपना पैसा दोगुना करने के लिए करोड़ों रुपये लेकर आया था।
कार्यप्रणाली और ठगी का तरीका
यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी होटल और अन्य स्थानों पर बैठकें आयोजित करते थे और असली नोटों तथा रसायनों का उपयोग करके प्रदर्शन करते थे ताकि पीड़ितों को विश्वास दिलाया जा सके कि काले पड़ चुके नोटों को नया बनाया जा सकता है। एक बार विश्वास जीतने के बाद, वे रसायनों के आयात, परीक्षण और आधिकारिक मंजूरी के नाम पर किश्तों में मोटी रकम वसूलते थे।
यह गिरोह मनोवैज्ञानिक हेरफेर और वैज्ञानिक दिखावे का उपयोग करके लोगों की लालच का फायदा उठाता था।
BozokMedia विश्लेषण: गिरोह का विस्तार और प्रभाव
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह गिरोह केवल स्थानीय नहीं था, बल्कि इसका जाल 2005 से भारत के कई राज्यों में फैला हुआ था। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में 100 से अधिक लोग इसके शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने मौके से ₹4 करोड़ से अधिक की नकदी, 17 मोबाइल फोन और नोटों के आकार में कटे हुए काले कागज बरामद किए हैं।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
Frequently Asked Questions
1. यह गिरोह किस तरह की ठगी करता था?
यह गिरोह दावा करता था कि वे रसायनों का उपयोग करके काले पड़ चुके पुराने नोटों को बिल्कुल नए नोटों में बदल सकते हैं और साथ ही पैसा दोगुना कर सकते हैं।
2. पुलिस ने अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने अब तक कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से सात को हाल ही में महाराष्ट्र से पकड़ा गया है।