उड़ुपी पुलिस ने हेमंत पूजारी के नाम से किए गए फ़ोन कॉल की जाँच शुरू कर दी है, जिनका संबंध डेविड डी'सूज़ा की हत्या से जुड़ी है। इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी भी तलाश में है।
- हिमंत पूजारी के नाम से किए गए कॉल की जांच
- डेविड डी'सूज़ा की हत्या का मामला
- किशोर पूजारी को गिरफ़्तार किया गया
उड़ुपी के पुलिस प्रमुख हरिराम शंकर ने सोमवार को कहा कि उन्होंने इंटरनेट कॉलों की जाँच शुरू कर दी है, जिनमें कथित अंडरवर्ल्ड ऑपरेटीव हेमंत पूजारी का नाम प्रयोग किया गया। ये कॉल पूर्व ग्राम पंचायत अध्यक्ष डेविड डी'सूज़ा और यू.पी.सी.एल. अधिकारियों को उनके भाई किशोर राम पूजारी को कार्य अनुबंध देने के लिये प्रेरित करती थीं।
डेविड डी'सूज़ा की हत्या 7 अगस्त को उनके कार्यालय के सामने पिलर, उड़ुपी जिले में हुई। पुलिस ने अब तक 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें तीन आरोपित हत्यारे और किशोर पूजारी शामिल हैं।
शंकर ने बताया कि कॉल करने वाला स्वयं को “हेमंत पूजारी” बताता था और यू.पी.सी.एल. अधिकारियों तथा डी'सूज़ा को पाइपलाइन कार्य के अनुबंध के लिये किशोर को चयनित करने का आग्रह करता था। इस अनुबंध को लेकर किशोर और डी'सूज़ा के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद किशोर ने तीन हत्यारों को “सुपारी” के रूप में 10 लाख रुपये प्रदान किए।
“हमें अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कॉल हेमंत पूजारी ने ही की थी या किसी और ने उनका नाम इस्तेमाल किया है,” शंकर ने कहा। “पिछले दस वर्षों में मुंबई में हेमंत पूजारी से जुड़ी कोई फिरौती कॉल की रिपोर्ट नहीं मिली है।”
Historical Background
हेमंत पूजारी को मुंबई के अंडरवर्ल्ड में एक प्रमुख सशस्त्र गिरोह के प्रमुख के रूप में जाना जाता है। पिछले दो दशकों में उसने विभिन्न राजस्व चोरी, अवैध ठेके और हत्या मामलों में शामिल रहा है, लेकिन किसी भी सार्वजनिक रूप से पहचान योग्य फोन धोखाधड़ी में नहीं पाया गया। इस कारण इस केस में उनका नाम प्रयोग करना एक नया मोड़ दर्शाता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the misuse of a notorious underworld figure’s identity to facilitate local extortion indicates a growing sophistication in organized crime networks, linking regional power brokers with national syndicates.
Criminologist Dr. Ramesh Kumar says, “Such impersonation tactics indicate a sophisticated nexus between local crime and organized syndicates.”
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: डेविड डी'सूज़ा कौन थे?
डेविड डी'सूज़ा उड़ुपी के मदारंगड़ी ग्राम पंचायत के पूर्व अध्यक्ष थे, जिन्हें 7 अगस्त को उनकी ऑफिस के बाहर हत्या कर दी गई।
प्रश्न 2: वर्तमान में जांच की स्थिति क्या है?
पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और मुख्य साजिशकर्ता की पहचान के लिये विस्तृत क्रॉस-स्टेट जांच जारी है, जिसमें मुंबई पुलिस भी सहयोग कर रही है।