तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले में एक मां और उसके किशोर बेटे ने चाय की दुकान को शिकार खोजने का केंद्र बना लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर दो हत्याओं और एक हमले का पर्दाफाश किया है।
- सिद्दीपेट पुलिस ने एक मां और उसके 15 वर्षीय बेटे को दो महिलाओं की हत्या और एक अन्य पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया है।
- आरोपी महिला अपनी चाय की दुकान का उपयोग संभावित पीड़ितों की पहचान करने और उनकी निगरानी करने के लिए करती थी।
- अपराध को अंजाम देने के लिए मां ने अपने बेटे को प्रोटीन पाउडर और डंबल्स के जरिए शारीरिक रूप से मजबूत बनाया था।
तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के रामक्कपेटा गांव में 8 अगस्त को एक कृषि क्षेत्र में एक महिला का आधा जला हुआ शव मिला। पुलिस कमिश्नर रश्मि पेरुमल के अनुसार, शव एक बड़े बैग में बंद था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि हत्या कहीं और की गई थी और शव को केवल वहां फेंका गया था। मृतक की पहचान 45 वर्षीय अथिकम विजया के रूप में हुई, जो पास के भूम्पल्ली गांव की रहने वाली थी।
जांच के दौरान, पुलिस की मुलाकात 38 वर्षीय सी राजिथा से हुई, जो गांव में एक छोटी सी चाय की दुकान चलाती थी। राजिथा ने खुद को एक मददगार गवाह के रूप में पेश किया और पुलिस को बताया कि विजया का अपने ससुराल के साथ संपत्ति विवाद था। हालांकि, पुलिस को उसकी बातों पर संदेह हुआ और उन्होंने गांव में लगे 'सिद्दीपेट सुरक्षा नेत्र' सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज में राजिथा और उसका बेटा एक मोटरसाइकिल पर एक भारी बैग ले जाते हुए दिखाई दिए। वापसी में उनके पास वह बैग नहीं था। पुलिस ने पाया कि वह बैग बिल्कुल वैसा ही था जिसमें विजया का शव मिला था। 18 अगस्त को पुलिस ने राजिथा और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद एक रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश सामने आई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this case highlights a disturbing pattern of 'predatory observation' where a legitimate business was used as a cover for criminal profiling. The most alarming aspect is the psychological manipulation of a minor by a parent to commit capital offenses, turning familial bonds into a tool for crime.
"The use of a tea stall as a surveillance point demonstrates a calculated approach to crime, where the perpetrators blended into the social fabric to identify vulnerable targets."
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि राजिथा का अपने पति दुब्बया के साथ हिंसक रिश्ता था। घरेलू हिंसा का शिकार रही राजिथा ने दो साल पहले अपने पति पर खौलता पानी डाल दिया था, जिससे वह लकवाग्रस्त हो गया। इसके बाद, उसने अपने बेटे को अपना हथियार बनाने का फैसला किया। उसने बेटे को प्रोटीन पाउडर और जिम के सामान दिए ताकि वह पीड़ितों पर हमला करने के लिए पर्याप्त ताकतवर बन सके।
इस जोड़ी ने पहले जून 2025 में अन्नपूर्णा नामक महिला पर हमला किया और उसका सोने का मंगलसूत्र लूट लिया। इसके बाद उन्होंने विजया और कुंटा रेखा को निशाना बनाया। रेखा का चयन इसलिए किया गया क्योंकि वह अपने पति से अलग रह रही थी, जिससे पुलिस का शक स्वाभाविक रूप से उसके परिवार पर जाता।
Frequently Asked Questions
1. आरोपियों ने पीड़ितों का चयन कैसे किया?
आरोपी महिला अपनी चाय की दुकान पर आने-जाने वाले लोगों की निगरानी करती थी और उन महिलाओं को चुनती थी जो अकेले चलती थीं या जिनके पारिवारिक विवाद थे।
सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों को एक भारी बैग के साथ जाते और बिना बैग के लौटते देखा गया, जो शव के साथ मिले बैग से मेल खाता था।