मेटा के खिलाफ चल रहे ऐतिहासिक मुकदमे में इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने स्वीकार किया कि 'टेक अ ब्रेक' जैसी सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करने वाले किशोरों की संख्या बेहद कम थी। 29 अमेरिकी राज्यों ने मेटा पर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है।
- इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी ने कोर्ट में स्वीकार किया कि सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करने वाले किशोरों का प्रतिशत बहुत कम था।
- 29 अमेरिकी राज्यों ने मेटा पर $200 बिलियन के हर्जाने का दावा किया है।
- आरोप है कि मेटा ने जानबूझकर प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए लत लगाने वाला बनाया।
- 'टेक अ ब्रेक' फीचर को डिफ़ॉल्ट बनाने में तीन साल की देरी हुई।
संयुक्त राज्य अमेरिका में चल रहे एक ऐतिहासिक मुकदमे के दौरान, इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने अदालत में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। मोसेरी ने स्वीकार किया कि इंस्टाग्राम की 'टेक अ ब्रेक' (Take a Break) जैसी सुरक्षा सुविधा, जिसे किशोरों को सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए बनाया गया था, उसका उपयोग करने वाले किशोरों की संख्या नगण्य थी। यह गवाही मेटा (Meta) के खिलाफ चल रहे उस मुकदमे के बीच आई है, जिसमें कंपनी पर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप है।
ओकलैंड, कैलिफोर्निया में सुनवाई के दौरान, मोसेरी ने उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि मेटा ने सुरक्षा सुविधाओं को डिफ़ॉल्ट रूप से लागू करने में जानबूझकर देरी की। 'टेक अ ब्रेक' फीचर को सितंबर 2024 में डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय किया गया, जबकि इसे लॉन्च किए हुए लगभग तीन साल बीत चुके थे। मोसेरी का तर्क था, "अधिकांश किशोर इसे नहीं चाहते थे। हमने फिर भी इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुकदमा केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सोशल मीडिया के भविष्य और बच्चों की सुरक्षा के बीच के संघर्ष का प्रतीक है। यदि मेटा दोषी पाया जाता है, तो यह तकनीकी दिग्गजों के लिए एक मिसाल कायम करेगा कि वे अपने एल्गोरिदम को उपयोगकर्ता के कल्याण से ऊपर नहीं रख सकते।
पूर्व मेटा इंजीनियरिंग निदेशक आर्टुरो बेजर ने गवाही देते हुए कहा, "मेरे अनुभव में, 'टेक अ ब्रेक' एक ऐसा फीचर है जिसे विफल होने के लिए ही डिज़ाइन किया गया है।"
मुकदमे में 29 अमेरिकी राज्यों ने हिस्सा लिया है, जिनमें कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी शामिल हैं। इन राज्यों का आरोप है कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया है कि वे बच्चों को मानसिक रूप से गुलाम बना लें, जिससे चिंता, अवसाद और यहाँ तक कि आत्महत्या के मामले भी बढ़े हैं। इसके अलावा, मेटा पर 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के व्यक्तिगत डेटा का अवैध रूप से संग्रह करने का भी आरोप है।
डेटा वैज्ञानिकों और पूर्व कर्मचारियों की गवाही ने कंपनी की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जॉर्ज वोलिचेनको, जो इंस्टाग्राम में सुरक्षा सुविधाओं पर काम कर चुके हैं, ने बताया कि इन सुविधाओं को डिफ़ॉल्ट रूप से लागू करने से उपयोगकर्ता जुड़ाव (user engagement) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता, जिसे रोकने के लिए नेतृत्व ने निर्णय नहीं लिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले एक दशक में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज हुई है। 'डिजिटल वेलबीइंग' की अवधारणा के बावजूद, एल्गोरिदम को 'एंगेजमेंट' बढ़ाने के लिए अनुकूलित किया जाता है, जो अक्सर किशोरों के लिए हानिकारक साबित होता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मेटा पर क्या आरोप हैं?
मेटा पर बच्चों को सोशल मीडिया की लत लगाने, उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने और बच्चों का डेटा अवैध रूप से एकत्र करने के आरोप हैं।
प्रश्न 2: 'टेक अ ब्रेक' फीचर क्या है?
यह एक सुविधा है जो किशोरों को एक निश्चित समय के बाद ऐप बंद करने के लिए प्रोत्साहित करती है ताकि स्क्रीन टाइम कम किया जा सके।