मणिपुर पुलिस ने इम्फाल घाटी में रंगदारी, अपहरण और डराने-धमकाने के आरोप में प्रतिबंधित संगठन UPPK के छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार भी बरामद किए हैं।

  • UPPK संगठन के छह उग्रवादी, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है, गिरफ्तार किए गए।
  • गिरफ्तार आरोपियों के पास से UPPK के 23 आधिकारिक लेटरहेड बरामद हुए हैं।
  • सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी और सेनापति जिलों में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किया।
  • एक आरोपी राज्य वन विभाग में माली के पद पर कार्यरत था।

मणिपुर के इम्फाल घाटी जिलों में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को पुलिस ने जानकारी दी कि रंगदारी, डराने-धमकाने और अपहरण की घटनाओं में संलिप्त यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (UPPK) के छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

पुलिस के अनुसार, ये उग्रवादी मंगलवार को बिष्णुपुर, इम्फाल पूर्व और इम्फाल पश्चिम जिलों के विभिन्न स्थानों से पकड़े गए। इनमें से एक प्रमुख आरोपी की पहचान 51 वर्षीय पी. कोइरेंग सिंह के रूप में हुई है, जिसे इम्फाल पश्चिम के कोइरेंगेई फॉरेस्ट गेट से पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि सिंह राज्य वन विभाग में एक 'माली' के रूप में कार्यरत था, जिसका उपयोग वह अपनी गतिविधियों के लिए ढाल के रूप में कर रहा था।

अपराध का तरीका और बरामदगी

जांच के दौरान, गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से UPPK के 23 आधिकारिक लेटरहेड बरामद किए गए। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे स्थानीय लोगों और व्यापारियों से रंगदारी वसूलने, लोगों का अपहरण करने और उन्हें डराने-धमकाने के लिए इन लेटरहेड का उपयोग करते थे। यह खुलासा बताता है कि उग्रवादी समूह किस तरह से आधिकारिक दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

मणिपुर में उग्रवादी समूहों द्वारा आधिकारिक लेटरहेड का उपयोग करना उनके संगठित अपराध के नेटवर्क को दर्शाता है।

उग्रवादियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ, मणिपुर पुलिस और CRPF की एक संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले के ताफौ कुकी और सेनापति जिले के ताफौ लियांगमाई में एक बड़े 'कॉर्डन एंड सर्च' ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने दो SBBL गन, 12-बोरे के 78 कारतूस और AK-47 व .22 गन के खाली केस बरामद किए। इसके अतिरिक्त, उग्रवादियों द्वारा बनाए गए तीन बंकरों को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मणिपुर में उग्रवादी समूहों का सरकारी तंत्र के भीतर घुसपैठ करना (जैसे वन विभाग का कर्मचारी होना) सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। यह घटना दर्शाती है कि उग्रवादी समूह न केवल हिंसा, बल्कि आर्थिक अपराधों के माध्यम से भी क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

Historical Background

मणिपुर लंबे समय से विभिन्न उग्रवादी समूहों के संघर्ष का केंद्र रहा है। UPPK जैसे प्रतिबंधित संगठन अक्सर राज्य की शांति व्यवस्था को भंग करने और अवैध गतिविधियों के माध्यम से खुद को वित्तपोषित करने की कोशिश करते रहे हैं। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों ने इन समूहों के खिलाफ अपनी पकड़ मजबूत की है।

Frequently Asked Questions

1. गिरफ्तार किए गए उग्रवादी किस संगठन के सदस्य थे?
गिरफ्तार किए गए उग्रवादी प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (UPPK) के सदस्य थे।

2. सुरक्षा बलों को ऑपरेशन के दौरान क्या मिला?
सुरक्षा बलों ने हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और उग्रवादियों द्वारा बनाए गए बंकर बरामद किए हैं।

Did You Know?: मणिपुर की भौगोलिक स्थिति और घने जंगलों के कारण उग्रवादी समूहों के लिए छिपना और बंकर बनाना काफी आसान हो जाता है।