सूरत के ग्रामीण इलाके में 25 वर्षीय युवती की चार्जिंग केबल से गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने 900 लोगों के फिंगरप्रिंट्स लिए और 85 गवाहों से पूछताछ की, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

  • 25 वर्षीय युवती की छत पर लाश मिली, हाथ बंधे थे और सिर पर पॉलीथीन बैग था।
  • पुलिस ने गांव के 900 लोगों के फिंगरप्रिंट्स लिए, लेकिन कोई मिलान नहीं हुआ।
  • घर से करीब 2.50 लाख रुपये के जेवर और नकदी चोरी हुई।
  • मृतका का मोबाइल फोन घटना के तीन दिन बाद पानी के गड्ढे में मिला।

गुजरात के सूरत जिले के एक गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 25 वर्षीय युवती की उसके अपने ही घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। युवती के माता-पिता, जो तीर्थयात्रा से लौटे थे, ने 24 अगस्त की सुबह उसकी लाश छत पर पाई। हत्यारों ने युवती के हाथ काले धागे से बांधे थे और चेहरे पर पॉलीथीन बैग डालकर गर्दन को मोबाइल चार्जिंग केबल से कसकर बांध दिया था।

सूरत ग्रामीण पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। पुलिस ने घर के आसपास मिले फिंगरप्रिंट्स का मिलान करने के लिए गांव के लगभग 900 लोगों के नमूने लिए हैं, लेकिन अब तक कोई मैच नहीं मिला है। इसके अलावा, मृतका के दोस्तों और रिश्तेदारों सहित 85 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की कमी अपराधियों के लिए एक सुरक्षित कवच बन जाती है, जिससे पुलिस पूरी तरह से फॉरेंसिक सबूतों पर निर्भर हो जाती है। जिस तरह से शव को छत पर ले जाया गया और हत्या के लिए चार्जिंग केबल का इस्तेमाल हुआ, उससे यह संकेत मिलता है कि अपराधी परिवार का कोई करीबी या परिचित हो सकता है।

चार्जिंग केबल का उपयोग और मोबाइल फोन को पानी में डुबोना यह दर्शाता है कि अपराधी ने डिजिटल सबूतों को मिटाने की पूरी कोशिश की और घर में उपलब्ध चीजों का ही इस्तेमाल किया।

एफआईआर के अनुसार, घर में लूटपाट के संकेत मिले हैं। युवती के पिता ने बताया कि घर का पिछला दरवाजा खुला था और अलमारी से करीब 2.50 लाख रुपये के जेवर और नकदी गायब थे। फॉरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि बलात्कार नहीं हुआ था, लेकिन यौन उत्पीड़न के निशान मिले हैं।

मृतका एक स्नातक थी और विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की तैयारी कर रही थी। उसके परिवार का कहना है कि उनकी गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। पुलिस को घटना के तीन दिन बाद युवती का मोबाइल फोन घर के पिछवाड़े एक पानी के गड्ढे में डूबा हुआ मिला, जिसे संभवतः सबूत मिटाने के लिए वहां फेंका गया था।

इस घटना के बाद आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश है और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। गांव के सरपंच ने आरोपी की पहचान बताने वाले व्यक्ति के लिए 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।

क्या आप जानते हैं?: फॉरेंसिक विज्ञान में 'टच डीएनए' (Touch DNA) तकनीक के जरिए उन चीजों से भी सबूत जुटाए जा सकते हैं जिन्हें साफ कर दिया गया हो, जैसे कि इस मामले में इस्तेमाल की गई चार्जिंग केबल।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या किसी संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है?
नहीं, पुलिस ने एक संदिग्ध जोड़े से पूछताछ की है, लेकिन अब तक किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

प्रश्न 2: पुलिस वर्तमान में किन सबूतों पर काम कर रही है?
पुलिस बरामद मोबाइल फोन के डेटा को रिकवर करने और इलाके के मोबाइल टावर डंप डेटा का विश्लेषण करने में जुटी है।