बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया है। अदालत ने मुंबई पुलिस की जांच में खामियों का संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिशा सालियान मामले में CBI को FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
- सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की 2020 में मौत हो गई थी।
- पिता सतीश सालियान ने मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे।
- CBI को सभी केस रिकॉर्ड्स और दस्तावेज़ मुंबई पुलिस से प्राप्त करने होंगे।
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बुधवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को दिवंगत अभिनेत्री सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मृत्यु के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और गहन जांच करने का निर्देश दिया है। यह आदेश दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा दायर एक याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत की जांच में मुंबई पुलिस की कथित लापरवाही का आरोप लगाया था।
दिशा सालियान का शव 8 जून, 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मिला था। गौरतलब है कि यह घटना सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से कुछ ही दिन पहले हुई थी। उस समय, मुंबई पुलिस ने मामले में केवल एक 'आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट' (ADR) दर्ज की थी, जबकि परिवार ने हत्या का आरोप लगाया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं है, बल्कि यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जवाबदेही और उच्च-प्रोफ़ाइल मामलों में जांच की निष्पक्षता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। वर्षों तक केवल ADR के रूप में दर्ज रहने के कारण, इस मामले में न्याय की प्रक्रिया बाधित हुई है, जिसे अब अदालत ने सुधारने का प्रयास किया है।
न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है; अदालत का यह कदम जांच की पारदर्शिता को बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस रणजीतसिंहा राजा भोंसले की पीठ ने स्पष्ट किया कि जब तक जांच अधिकारी के पास किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होते, तब तक किसी को भी आरोपी नहीं माना जाएगा। अदालत ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया है कि वे दिशा सालियान के मामले से जुड़े सभी कागजात और रिकॉर्ड तुरंत CBI को सौंप दें।
याचिकाकर्ता के वकील नीलेश ओझा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही आरोप लगाया था कि प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के कारण पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी की। उन्होंने कहा, "हमने रिकॉर्ड पर सबूत दिए हैं कि कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध थी, जिससे जांच प्रभावित हुई।"
गौरतलब है कि दिशा सालियान के पिता ने पिछले साल हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप और हत्या की गई थी। इससे पहले, अदालत ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की थी कि पांच साल बीत जाने के बाद भी परिवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और ADR की प्रतियां नहीं दी गई थीं।
Frequently Asked Questions
1. दिशा सालियान कौन थीं?
दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं, जिनकी 2020 में मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।
2. बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI को क्या निर्देश दिए हैं?
कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज करने, मामले की गहन जांच करने और एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करने का आदेश दिया है।