देवनहल्ली के सुलिबेले रोड के पास बिजली के खंभे पर काम करते समय एक 39 वर्षीय ठेका कर्मचारी की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगा है।
- देवनहल्ली में 39 वर्षीय ठेका कर्मचारी पलैया की करंट लगने से मृत्यु।
- घटना के समय बिजली के लाइव तार के संपर्क में आने से हुआ हादसा।
- सुरक्षा उपकरणों और शटडाउन (LC) प्रक्रियाओं की अनदेखी का आरोप।
- देवनहल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया।
कर्नाटक के देवनहल्ली क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ सुलिबेले रोड के पास बिजली के खंभे पर मरम्मत का काम कर रहे एक 39 वर्षीय ठेका कर्मचारी की करंट लगने से जान चली गई। मृतक की पहचान पलैया के रूप में हुई है, जो एक बेकॉम (Bescom) ठेकेदार के तहत कार्यरत था।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार शाम लगभग 5 बजे टी.टी. बांधे रोड और मरिषम्मापाल्या लाइट क्षेत्र के पास हुई। पलैया बिजली के खंभे पर चढ़कर काम कर रहा था, तभी वह अचानक एक लाइव बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। करंट इतना जोरदार था कि पलैया की मौके पर ही मौत हो गई।
लापरवाही के गंभीर आरोप
इस दुखद घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि काम के दौरान अनिवार्य सुरक्षा प्रक्रियाओं, जैसे कि लाइन क्लीयरेंस (LC) या शटडाउन, और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उपयोग में भारी लापरवाही बरती गई। यह भी संदेह जताया गया है कि काम के दौरान उचित पर्यवेक्षण (Supervision) का अभाव था।
बिजली विभाग के ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों का कारण बनती है, जो कार्यस्थल पर जीवन की कीमत को कम आंकती है।
BozokMedia विश्लेषण: क्या सुरक्षा नियम केवल कागजों तक सीमित हैं?
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि बिजली वितरण कंपनियों में ठेका आधारित कार्यप्रणाली के दौरान सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अक्सर लागत कम करने के चक्कर में ठेकेदार सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षित पर्यवेक्षकों की कमी कर देते हैं, जिससे पलैया जैसे श्रमिकों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
देवनहल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बेकॉम के अधिकारियों, लाइनमैन और संबंधित ठेकेदार की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच के दायरे में शटडाउन दस्तावेज़, कार्य आदेश और सुरक्षा अनुपालन रिकॉर्ड भी शामिल हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: बिजली क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां
भारत में बिजली क्षेत्र में काम करने वाले असंगठित और ठेका श्रमिकों के लिए सुरक्षा एक निरंतर चुनौती रही है। पिछले कुछ वर्षों में, बिजली लाइनों के रखरखाव के दौरान होने वाली मौतों में वृद्धि देखी गई है, जिसका मुख्य कारण पुराने बुनियादी ढांचे और सुरक्षा उपकरणों की कमी है।
Frequently Asked Questions
1. यह दुर्घटना कहाँ हुई थी?
यह दुर्घटना कर्नाटक के देवनहल्ली में सुलिबेले रोड के पास हुई थी।
2. पुलिस ने किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया है।