मध्य प्रदेश के सीधी की पुलिस ने एक साल से फरार हत्या के आरोपी को पकड़ने के लिए महाराष्ट्र में फिल्मी अंदाज में जाल बिछाया। पुलिसकर्मी पंचर की दुकान पर कर्मचारी बनकर बैठे थे, जिससे आरोपी को भनक तक नहीं लगी।
- सीधी की महिला पुलिसकर्मी सविता साकेत की हत्या के आरोपी पति वीरेंद्र साकेत को एक साल बाद गिरफ्तार किया गया।
- आरोपी पुलिस से बचने के लिए महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले में ड्राइवर का काम कर रहा था।
- MP पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए 'अंडरकवर' बनकर पंचर की दुकान पर काम किया।
- आरोपी ने बेसबॉल से हमला कर अपनी पत्नी की हत्या की थी।
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और फिल्मी कहानी सामने आई है। यहाँ की पुलिस ने एक ऐसे अपराधी को दबोचने के लिए अपनी वर्दी उतार दी, जो पिछले एक साल से कानून की आँखों में धूल झोंक रहा था। यह मामला 15 सितंबर 2025 की उस काली रात का है, जब सीधी पुलिस लाइन परिसर में एक महिला पुलिसकर्मी, सविता साकेत, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
जांच के दौरान पुलिस की सुई आरोपी पति वीरेंद्र साकेत की ओर मुड़ी। पुलिस का मानना है कि पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के दौरान वीरेंद्र ने बेसबॉल से सविता पर जानलेवा हमला किया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। वारदात के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया और यहीं से शुरू हुआ पुलिस और अपराधी के बीच लुका-छिपी का लंबा खेल।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यक्षमता और अपराधी को पकड़ने के लिए अपनाए गए अभिनव तरीकों का भी है। जब पारंपरिक छापेमारी विफल हो जाती है, तो पुलिस को अपनी रणनीति बदलनी पड़ती है। वीरेंद्र साकेत ने पश्चिम बंगाल, कोलकाता और गुजरात जैसे राज्यों में छिपकर पुलिस को चकमा दिया, जिससे यह मामला एक अंतरराज्यीय चुनौती बन गया था।
अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की नजरों से बच पाना असंभव है, बस सही रणनीति और धैर्य की आवश्यकता होती है।
जब पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र में छिपा है और वहां ड्राइवर का काम कर रहा है, तो सीधी पुलिस की टीम ने एक जोखिम भरा फैसला लिया। उन्हें डर था कि अगर वे वर्दी में पहुंचे, तो आरोपी तुरंत भाग जाएगा। इसलिए, पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए पंचर की दुकान पर कर्मचारी के रूप में काम करना शुरू कर दिया।
कई दिनों तक कड़ी निगरानी रखने के बाद, जैसे ही वीरेंद्र साकेत उस दुकान पर पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस दुकान पर वह काम देखने या टायर ठीक कराने आया है, वहां मौजूद लोग असल में उसे गिरफ्तार करने आए पुलिसकर्मी हैं।
Frequently Asked Questions
1. सविता साकेत की हत्या कब और कैसे हुई थी?
सविता साकेत की हत्या 15 सितंबर 2025 को हुई थी, जिसमें उनके पति वीरेंद्र ने कथित तौर पर बेसबॉल से हमला किया था।
2. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने महाराष्ट्र में पंचर बनाने वाले कर्मचारियों के भेष में रहकर आरोपी की निगरानी की और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया।