कर्नाटक के उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि एक डॉक्टर को, जो इन‑सर्विस कोटा के तहत सुपर‑स्पेशियलिटी कोर्स पूरा कर चुका है, बिना पद के आजीवन सेवा से बाँधना अस्वीकार्य है। इस फैसले से डॉ. अडनन सईद पर लगे अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द कर दिया गया।
- सुपर‑स्पेशियलिटी कोर्स पूरा करने के बाद पद न मिलने पर डॉक्टर को सेवा से बाँधना अस्वीकार्य है।
- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने डॉ. अडनन सईद पर लगे अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
- पद न मिलने की स्थिति में बिना पद के अनधिकृत अनुपस्थिति का आरोप लगाना गलत है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक डिवीजन बेंच ने, न्यायाधीश अनू शिवरमन और वेंकटेश नाइक टी के नेतृत्व में, यह स्पष्ट किया कि इन‑सर्विस कोटा के तहत सुपर‑स्पेशियलिटी कोर्स पूरा करने वाले डॉक्टर को बिना पद के आजीवन सेवा से बाँधना अस्वीकार्य है। इस निर्णय में डॉ. अडनन सईद की शिकायत पर विचार किया गया, जिन्होंने 2018 में अपनी तीन‑वर्षीय MCh (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) पूरी की थी।
पृष्ठभूमि
डॉ. सईद 2009 में बैंगलोर मेडिकल कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट (BMCRI) में इंटेंसिव केयर मेडिकल ऑफिसर के रूप में नियुक्त हुए। 2015 में उन्हें किडवाई मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी (KMIO) में इन‑सर्विस उम्मीदवार के रूप में MCh के लिए सीट मिली। इस कोटा के अंतर्गत एक बंधन पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य था, जिसमें डॉक्टर को सेवानिवृत्ति तक सरकार की सेवा करनी होती थी।
कोर्स पूरा करने के बाद, डॉ. सईद ने लगातार पद के लिए आवेदन किया, लेकिन तीन वर्षों तक किसी भी पद की व्यवस्था नहीं हुई। वेतन भी न मिलने के कारण, उन्होंने अगस्त 2021 में इस्तीफा दे दिया। इसके बावजूद, BMCRI ने उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पकड़ने की कोशिश की, जिसके चलते वे उच्च न्यायालय में मामला दायर किया।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
बोझोकमीडिया विश्लेषण बताता है कि यह निर्णय चिकित्सा क्षेत्र में सरकारी नीतियों और डॉक्टरों के अधिकारों के बीच संतुलन को पुनः परिभाषित कर सकता है। यदि सरकार बिना पद के डॉक्टरों को बाँधती रहेगी, तो यह चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
"इस निर्णय से डॉक्टरों को यह भरोसा मिलेगा कि उनके पेशेवर विकास के लिए पद उपलब्ध नहीं होने पर भी उन्हें अनुचित दंड से बचाया जाएगा," कहते हैं प्रोफेसर सुमित शर्मा, चिकित्सा नीति विशेषज्ञ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. इन‑सर्विस कोटा क्या है? यह एक सरकारी योजना है जिसमें डॉक्टरों को बिना वेतन के अपनी विशेषज्ञता के लिए कोर्स करने का मौका दिया जाता है, बदले में वे अपनी सेवा के दौरान सरकार के साथ बंधे रहते हैं।
2. कोर्स पूरा करने के बाद डॉक्टर को किस प्रकार के अधिकार मिलते हैं? डॉक्टर को पद और वेतन के लिए आवेदन करने का अधिकार है, और यदि पद उपलब्ध नहीं होता तो उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचाया जाता है।