राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली अदालत को बताया है कि अमेरिकी भाड़े के सैनिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक म्यांमार में एक नागरिक विमान पर हुए ड्रोन हमले के पीछे थे। इन आरोपियों को वर्तमान में तिहाड़ जेल में रखा गया है।
- अमेरिकी भाड़े के सैनिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिक म्यांमार विमान हमले में शामिल।
- आरोपियों ने बिना वैध परमिट के भारत के माध्यम से म्यांमार में घुसपैठ की।
- ड्रोन युद्ध और जैमिंग तकनीक का प्रशिक्षण देने के लिए अवैध प्रशिक्षण शिविर लगाए गए।
- NIA को आरोपियों के जब्त किए गए उपकरणों से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली की एक अदालत में एक चौंकाने वाला दावा किया है। एजेंसी ने अदालत को सूचित किया है कि मार्च में गिरफ्तार किए गए सात विदेशी नागरिक, जिनमें अमेरिकी भाड़े का सैनिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक (Matthew Aaron VanDyke) और छह यूक्रेनी शामिल हैं, म्यांमार में एक नागरिक विमान पर किए गए ड्रोन हमले में संलिप्त थे। ये सभी आरोपी वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
NIA की अर्जी के अनुसार, केंद्र सरकार को ऐसी विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कुछ यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक म्यांमार में एक नागरिक विमान पर ड्रोन हमले में शामिल थे। जांच में पता चला है कि लगभग 14 यूक्रेनी पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और असम के गुवाहाटी पहुंचे थे। वहां से, उन्होंने बिना किसी अनिवार्य 'प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट' (RAP) या 'संरक्षित क्षेत्र परमिट' (PAP) के मिजोरम में प्रवेश किया और फिर अवैध रूप से म्यांमार में घुस गए।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं है, बल्कि यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और पड़ोसी देशों में अस्थिरता के बीच के जटिल संबंधों को दर्शाता है। विदेशी लड़ाकों का भारत के सीमावर्ती राज्यों के माध्यम से अवैध रूप से प्रवेश करना और वहां से युद्ध प्रशिक्षण के लिए जाना, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है।
एजेंसी ने दावा किया कि इन विदेशी नागरिकों ने म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों (EAGs) को ड्रोन युद्ध, ड्रोन संचालन, असेंबली और जैमिंग तकनीक में प्रशिक्षण देने के लिए अवैध प्रशिक्षण आयोजित किए थे। इन समूहों का उद्देश्य म्यांमार की सैन्य जुंटा को निशाना बनाना था।
विदेशी लड़ाकों का भारतीय सीमाओं के माध्यम से घुसपैठ करना और ड्रोन तकनीक का प्रसार करना क्षेत्रीय अस्थिरता का एक नया और खतरनाक आयाम है।
NIA ने अदालत से आरोपियों के पास से जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डेटा की जांच करने और उनके बयानों के साथ मिलान करने के लिए पूछताछ की अनुमति मांगी है। जांच में मिले डेटा में कई आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो और वॉयस सैंपल शामिल हैं। अदालत ने NIA की अर्जी को स्वीकार करते हुए कहा कि जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए।
इस मामले में ऐतिहासिक संदर्भ देखें तो, पूर्वोत्तर भारत में विभिन्न जातीय समूहों और insurgent संगठनों का इतिहास रहा है। NIA का आरोप है कि म्यांमार के ये सशस्त्र समूह पूर्वोत्तर के विद्रोही संगठनों से जुड़े हुए हैं, जो इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना देता है।
Frequently Asked Questions
1. मैथ्यू आरोन वैनडाइक कौन है?
वैनडाइक एक अमेरिकी भाड़े का सैनिक (mercenary) है, जिसे म्यांमार में ड्रोन हमले और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
2. आरोपी भारत में कैसे आए थे?
आरोपी पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और गुवाहाटी के रास्ते बिना वैध परमिट के मिजोरम और फिर म्यांमार में अवैध रूप से प्रवेश कर गए थे।