पुणे के एक कानून के छात्र को सोशल मीडिया पर महिला बनकर झांसा देकर 1,468 USDT की क्रिप्टोकरेंसी ठग ली गई। अपराधी ने चंडीगढ़ की एक इन्फ्लुएंसर की फोटो का इस्तेमाल कर छात्र को जाल में फंसाया।

  • पुणे के एक 23 वर्षीय लॉ छात्र से 1.41 लाख रुपये की क्रिप्टो ठगी हुई।
  • ठग ने Snapchat पर 'प्रिंसिका जोशी' बनकर महिला की आवाज़ में बात की।
  • अपराधी ने चंडीगढ़ की एक महिला इन्फ्लुएंसर की फोटो का इस्तेमाल किया।
  • पुलिस ने आरोपी कुणाल जितेंद्र अडमाने को गिरफ्तार कर लिया है।

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे से साइबर अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक शातिर अपराधी ने महिला की आवाज़ बदलकर एक 23 वर्षीय कानून के छात्र को झांसा देकर 1,468 USDT (लगभग 1.41 लाख रुपये) की क्रिप्टोकरेंसी ठग ली। यह पूरी घटना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Snapchat के माध्यम से अंजाम दी गई।

पुलिस के अनुसार, ठगी की शुरुआत 10 अक्टूबर, 2025 को हुई जब छात्र को 'प्रिंसिका जोशी' नाम के एक यूजर से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बातचीत के दौरान, अपराधी ने महिला की आवाज़ में बात की और छात्र को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के माध्यम से भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। छात्र, जो निवेश के लालच में आ गया था, उसने Binance ऐप पर अपना खाता खोला और 'ऑनलाइन एजेंट' के माध्यम से USDT खरीदना शुरू किया।

ठगी का तरीका और खुलासा

धोखेबाज ने छात्र को विश्वास दिलाया कि यदि वह अपना USDT उसके क्रिप्टो वॉलेट में भेजता है, तो वह उसे निवेश करेगी और बाद में मुनाफा वापस कर देगी। जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच, छात्र ने अपने और अपने एक रिश्तेदार के वॉलेट से कुल 1,468 USDT ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, लंबे समय तक कोई मुनाफा नहीं मिलने पर छात्र को संदेह हुआ।

19 जुलाई, 2026 को, जब छात्र ने Google Lens का उपयोग करके 'प्रिंसिका' की प्रोफाइल पिक्चर की जांच की, तो उसे पता चला कि वह तस्वीर चंडीगढ़ की एक प्रसिद्ध महिला इन्फ्लुएंसर की थी। जैसे ही छात्र ने इस बारे में सवाल किया, अपराधी ने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट तुरंत डिलीट कर दिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि साइबर अपराधी अब 'वॉयस क्लोनिंग' और 'सोशल इंजीनियरिंग' जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके। क्रिप्टोकरेंसी की गुमनामी और डिजिटल वॉलेट की जटिलता अपराधियों के लिए इसे एक आसान जरिया बना देती है।

सोशल मीडिया पर अनजान लोगों द्वारा निवेश के नाम पर किए जाने वाले वादे अक्सर बड़े वित्तीय अपराधों की शुरुआत होते हैं।

पुणे साइबर पुलिस ने मामले की जांच की और पाया कि 'प्रिंसिका जोशी' का उपयोग करने वाला व्यक्ति पुणे के पार्वती क्षेत्र का रहने वाला कुणाल जितेंद्र अडमाने है, जो एक होटल प्रबंधन पेशेवर है। पुलिस ने 31 अगस्त को अडमाने को गिरफ्तार कर लिया है।

Historical Background

पिछले कुछ वर्षों में, भारत में क्रिप्टो-आधारित धोखाधड़ी के मामलों में भारी वृद्धि देखी गई है। अपराधी अक्सर मशहूर हस्तियों या इन्फ्लुएंसर की पहचान चुराकर फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं, जिससे शिकार को उनके निवेश की वैधता पर संदेह नहीं होता।

Did You Know?: क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन को ट्रैक करना मुश्किल होता है क्योंकि ये विकेंद्रीकृत (decentralized) होते हैं, लेकिन पुलिस अब ब्लॉकचेन विश्लेषण का उपयोग करके अपराधियों तक पहुँच रही है।

Frequently Asked Questions

1. क्या क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना सुरक्षित है?
निवेश करना सुरक्षित हो सकता है, लेकिन केवल आधिकारिक और विनियमित प्लेटफॉर्म पर ही करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसा न भेजें।

2. अगर मेरे साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?
तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।