तेलंगाना की EAGLE फोर्स ने भद्राद्री कोठागुडेम में एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 20 किलो गांजा जब्त किया है। पुलिस ने कर्नाटक के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है जो ओडिशा से नशीले पदार्थ की तस्करी कर रहे थे।

  • 20 किलोग्राम सूखा गांजा जब्त, जिसकी अनुमानित कीमत ₹10 लाख है।
  • कर्नाटक के दो तस्करों, नवीन कुमार और विजय कुमार को गिरफ्तार किया गया।
  • तस्करी का नेटवर्क ओडिशा (आपूर्ति) और कर्नाटक (वितरण) तक फैला हुआ था।

तेलंगाना की एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (EAGLE) फोर्स ने भुरगमपडु पुलिस के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन चलाया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने भद्राद्री कोठागुडेम जिले के सरापका गांव में छापेमारी कर 20 किलोग्राम सूखे गांजे की खेप बरामद की। जब्त किए गए माल की बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।

प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी, 27 वर्षीय नवीन कुमार (यादगिर, कर्नाटक) और 32 वर्षीय विजय कुमार (तुमकुर, कर्नाटक), आपस में मित्र हैं। ये दोनों आरोपी ओडिशा के पापुलुर निवासी अर्जुन से गांजा खरीदने के लिए वहां गए थे। इस पूरे सौदे का भुगतान डिजिटल माध्यम (PhonePe) से किया गया था, जो नेटवर्क के मुख्य रिसीवर विजय उर्फ कबीर सिंह को भेजा गया था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी गांजे की खेप लेकर मोटरसाइकिल से कर्नाटक लौट रहे थे। हालांकि, रास्ते में मोटरसाइकिल में तकनीकी खराबी आने के कारण उन्हें भद्राचलम में रुकना पड़ा। इसी दौरान पुलिस को उनकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली, जिसके बाद सरापका गांव में घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा गया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the use of digital payment platforms like PhonePe for drug transactions indicates a shift in narcotics trafficking, making it harder for agencies to track cash trails. This case highlights the critical role of the EAGLE force in disrupting the supply chain between Odisha's production hubs and Karnataka's consumption markets.

"Inter-state drug trafficking is evolving with digital payments and decentralized logistics, requiring seamless coordination between state police forces to break the chain."

जांच में यह भी सामने आया कि नवीन कुमार ने आर्थिक तंगी के कारण इस अवैध धंधे में कदम रखा था। वह मुख्य आरोपी विजय उर्फ कबीर सिंह के निर्देशों पर काम कर रहा था। वर्तमान में, सप्लायर अर्जुन और रिसीवर कबीर सिंह फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

पुलिस ने गांजे के अलावा एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस नेटवर्क के अन्य सदस्य कौन हैं और वितरण श्रृंखला कितनी विस्तृत है।

क्या आप जानते हैं?: तेलंगाना की EAGLE फोर्स विशेष रूप से राज्य में नशीली दवाओं के प्रसार को रोकने और बड़े ड्रग सिंडिकेट्स को ध्वस्त करने के लिए गठित एक विशेष टास्क फोर्स है।
विवरणजानकारी
जब्त मात्रा20 किलोग्राम गांजा
अनुमानित मूल्य₹10 लाख
संबंधित राज्यओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक
गिरफ्तार आरोपी2 (नवीन और विजय)

Frequently Asked Questions

1. EAGLE फोर्स क्या है?
यह तेलंगाना पुलिस की एक विशेष इकाई है जो नशीली दवाओं के कानून प्रवर्तन और तस्करी रोकने के लिए समर्पित है।

2. इस मामले में मुख्य आरोपी कौन हैं?
मुख्य सप्लायर ओडिशा का अर्जुन और मुख्य रिसीवर कर्नाटक का कबीर सिंह है, जो फिलहाल फरार हैं।