मरकापुरम जिला पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से ₹22.7 लाख मूल्य की चोरी की मूर्तियां और आभूषण बरामद किए हैं।
- सी.एस. पुरम, पामुरु, कनिगिरी और कोनकरमटला मंडलों में चोरी के मामले में 13 गिरफ्तार।
- ₹22.7 लाख की संपत्ति बरामद, जिसमें पंचलोह और पीतल की मूर्तियां शामिल हैं।
- गिरोह में निर्माण श्रमिक और मंदिर के अंदरूनी कर्मचारी शामिल थे।
- पुलिस ने सभी मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की सख्त सलाह दी है।
धार्मिक विरासत को निशाना बनाने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए, मरकापुरम जिला पुलिस ने 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने लगभग ₹22.7 लाख मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की है, जिसमें कीमती चांदी के बर्तन, कवच और पवित्र मूर्तियां शामिल हैं।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 22 से 50 वर्ष की आयु के लोग शामिल हैं, जिनमें इन्दला विष्णुवर्धन, थम्मिसेट्टी रमणैया और चंदलुरी बालगुरावाiah प्रमुख हैं। जांच से पता चला है कि यह गिरोह जिले के सी.एस. पुरम, पामुरु, कनिगिरी और कोनकरमटला मंडलों के मंदिरों को निशाना बना रहा था।
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
पुलिस अधीक्षक (SP) वी. हर्षवर्धन राजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी मुख्य रूप से विभिन्न स्थानों पर राजमिस्त्री और निर्माण श्रमिक के रूप में काम कर रहे थे। इस गिरोह की सबसे खतरनाक बात यह थी कि इसमें मंदिर के अंदरूनी लोगों ने बाहरी अपराधियों का साथ दिया। उमामहेस्वर राव, जो मंदिर में कार्यरत था, ने वॉचमैन विष्णुवर्धन और उसके सहयोगी सुब्बा राव के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।
चोरी किए गए सामान को बालगुरावाiah नामक व्यक्ति को बेचा जाता था, जो चोरी के माल को खरीदने वाले (रिसीवर) के रूप में काम कर रहा था और इसके बदले भारी कीमत चुकाता था।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला आंध्र प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी मंदिरों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीर कमी को उजागर करता है। जब मंदिर के कर्मचारी—जैसे वॉचमैन और श्रमिक—ही अपराध में शामिल हो जाते हैं, तो पारंपरिक भरोसे वाली सुरक्षा व्यवस्था विफल हो जाती है। यह दर्शाता है कि अब केवल मानवीय निगरानी पर्याप्त नहीं है।
अंदरूनी पहुंच और संगठित खरीदारों के नेटवर्क का मेल मंदिर की विरासत को पेशेवर चोरी गिरोहों के लिए आसान लक्ष्य बना देता है।
पुलिस ने पामुरु मंडल के रविगुंटापल्ली के बाहरी इलाके में स्थित शिवलयम के पास घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने इस ऑपरेशन में दो एसयूवी (SUV) और दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं, जिनका उपयोग चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया गया था। साथ ही, 'पंचलोह' और पीतल की दुर्लभ मूर्तियां भी बरामद की गईं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: पुलिस ने क्या-क्या सामान बरामद किया?
पुलिस ने पंचलोह और पीतल की मूर्तियां, चांदी के बर्तन, कवच और वाहन (2 एसयूवी और 2 मोटरसाइकिलें) बरामद किए, जिनकी कुल कीमत ₹22.7 लाख है।
प्रश्न 2: एसपी ने सुरक्षा के लिए क्या सुझाव दिया?
एसपी वी. हर्षवर्धन राजू ने मंदिर प्रबंधन समितियों से आग्रह किया है कि वे चोरों से बचाव के लिए सीसीटीवी कैमरों को अपनी सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में स्थापित करें।