शामली पुलिस ने एक 30 वर्षीय व्यक्ति के कथित अवैध धर्म परिवर्तन के मामले में एक महिला और उसके पिता को गिरफ्तार किया है, जबकि नौ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

  • शामली, यूपी में चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी की गिरफ्तारी।
  • शादी के बहाने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए धर्म परिवर्तन का आरोप।
  • एक मौलवी सहित नौ लोगों पर BNS और यूपी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज।

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला और उसके पिता को गिरफ्तार किया है। उन पर एक 30 वर्षीय युवक का अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। यह गिरफ्तारी रविवार, 7 जून 2026 को की गई, जो एक स्थानीय दवा व्यापारी देवराज मलिक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी ने कथित तौर पर विवाह का झांसा देकर आयुष मलिक का धर्म परिवर्तन कराया। शिकायतकर्ता देवराज मलिक का आरोप है कि उनके बेटे को दिल्ली ले जाया गया, जहां फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके 'निकाह' संपन्न कराया गया। जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी प्रक्रिया में पहचान छिपाने के लिए धोखाधड़ी का सहारा लिया गया था।

इस मामले में कानूनी शिकंजा काफी कड़ा है। शामली के पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया कि पुलिस ने एक मौलवी सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 (जबरन वसूली), 318 (धोखाधड़ी), 336 (जालसाजी), 338 (मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी) और 351 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना उत्तर भारत में धर्म परिवर्तन विरोधी कानूनों के सख्त कार्यान्वयन को दर्शाती है। जब वैवाहिक विवादों में धार्मिक पहचान जुड़ जाती है, तो वे अक्सर उच्च-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयों में बदल जाते हैं। फर्जी दस्तावेजों का उपयोग यह संकेत देता है कि राज्य की सत्यापन प्रक्रियाओं को जानबूझकर circumvent (बायपास) करने की कोशिश की गई थी।

BNS की धाराओं को धर्म परिवर्तन कानूनों के साथ जोड़ना यह दर्शाता है कि अब ऐसे मामलों को केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि संगठित आपराधिक साजिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव भी देखा गया है। स्वामी यशवीर महाराज सहित कई हिंदू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। पुलिस अब बाकी सात आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में धर्म परिवर्तन विरोधी कानूनों को अत्यधिक कड़ा किया है। राज्य के 'गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम' में संशोधन कर यह अनिवार्य किया गया है कि धर्म परिवर्तन से पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचित करना होगा, अन्यथा इसे अपराध माना जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: उत्तर प्रदेश का धर्म परिवर्तन विरोधी कानून भारत के सबसे सख्त कानूनों में से एक है, जिसमें कई स्थितियों में इसे गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: शामली धर्म परिवर्तन मामले में मुख्य आरोपी कौन हैं?
मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी हैं, जिन्हें पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

प्रश्न 2: इस मामले में किन कानूनों का सहारा लिया गया है?
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।