उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में एक ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और प्रेमी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अवैध संबंधों और घरेलू हिंसा के चलते इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया गया था।
- पत्नी माया देवी और प्रेमी नियाज अहमद ने मिलकर रची हत्या की साजिश।
- दो सुपारी किलर्स को 1.10 लाख रुपये का भुगतान करने का वादा किया गया।
- मृतक हरिश्चंद्र को सुनसान रास्ते पर ले जाकर चाकू से मारा गया और शव नदी में फेंका गया।
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने बुढ़ी राप्ती नदी के पास हुए ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र अग्रहरि की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। जांच में यह बात सामने आई कि इस जघन्य अपराध के पीछे मृतक की अपनी पत्नी माया देवी और उसके प्रेमी नियाज अहमद का हाथ था।
पुलिस के अनुसार, मृतक हरिश्चंद्र शराब का आदी था और अक्सर नशे की हालत में अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इस घरेलू प्रताड़ना से तंग आकर माया देवी ने अपने प्रेमी नियाज के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का फैसला किया। इस उद्देश्य के लिए नियाज ने अपने दो साथियों, इरशाद और अब्दुल्ला, को सुपारी दी।
BozokMedia analysis shows that this case highlights a dangerous trend where domestic disputes are escalating into organized contract killings. The involvement of professional 'hitmen' for a small-scale domestic dispute indicates the increasing accessibility of criminal networks in rural belts.
साजिश के तहत, आरोपियों ने कुल 1,10,000 रुपये की सुपारी तय की, जिसमें से 60,000 रुपये एडवांस दिए गए थे। आरोपियों ने पहले फोन कर ई-रिक्शा बुक किया और हरिश्चंद्र को एक सुनसान रास्ते पर ले गए, जहां चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्यों को मिटाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को इस तरह सड़क किनारे लटकाया गया ताकि यह एक दुर्घटना प्रतीत हो।
"The attempt to stage a murder as an accident shows a calculated criminal mindset, but forensic evidence in the post-mortem report eventually exposed the truth."
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद, एसओजी और ढेबरुआ पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। 8 सितंबर 2026 को पुलिस ने माया देवी, नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
सभी आरोपियों के खिलाफ BNS धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस सफल खुलासे के बाद एसपी सिद्धार्थनगर अभिषेक महाजन ने पुलिस टीम को 20,000 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।
1. इस हत्याकांड की मुख्य वजह क्या थी?
मुख्य वजह पत्नी के अवैध संबंध और पति द्वारा शराब पीकर की जाने वाली मारपीट थी।
2. पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद एसओजी और स्थानीय पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर गिरफ्तारी की।