राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने म्यांमार में ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण देने के आरोपी सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। एजेंसी ने फिलहाल UAPA के बजाय विदेशी अधिनियम की धाराओं का उपयोग किया है।
- 7 विदेशी नागरिक (1 अमेरिकी, 6 यूक्रेनी) गिरफ्तार।
- मिसोरम के रास्ते म्यांमार में अवैध प्रवेश और ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण का आरोप।
- NIA ने UAPA के बजाय 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025' के तहत चार्जशीट दाखिल की।
- यूरोप से भारी मात्रा में ड्रोन और सहायक उपकरण भारत के रास्ते म्यांमार भेजे गए।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा करते हुए सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। इन आरोपियों पर भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने और अवैध रूप से सीमा पार करने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
जांच के अनुसार, ये आरोपी मिसोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए थे। वहां उनका मुख्य उद्देश्य म्यांमार स्थित जातीय सशस्त्र समूहों (EAGs) को ड्रोन युद्ध, ड्रोन संचालन, असेंबली और जैमिंग तकनीक पर पूर्व-निर्धारित प्रशिक्षण देना था। ये सशस्त्र समूह म्यांमार के सैन्य जुंटा (Military Junta) को निशाना बना रहे थे।
क्यों है यह मामला महत्वपूर्ण?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की भौगोलिक स्थिति का उपयोग विदेशी लड़ाकों और हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा है। यह मामला केवल अवैध प्रवेश का नहीं है, बल्कि आधुनिक युद्ध तकनीक (ड्रोन वॉरफेयर) के प्रसार से जुड़ा है, जो दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए एक नया खतरा पेश करता है।
"सीमाओं का अवैध उपयोग और आधुनिक सैन्य तकनीक का तस्करी के जरिए प्रसार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है, जो अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संलिप्तता को दर्शाता है।"
NIA के विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी ने अदालत को सूचित किया कि हालांकि अभी तक गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) को लागू नहीं किया गया है, लेकिन इस संबंध में जांच जारी है। एजेंसी का मानना है कि भारी मात्रा में ड्रोन और उपकरणों की बरामदगी के बाद, भविष्य में एक पूरक आरोप पत्र (Supplementary Chargesheet) दायर किया जा सकता है।
आरोपियों की प्रोफाइल काफी चौंकाने वाली है। 46 वर्षीय अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक ने दावा किया था कि उसने 2011 के लीबियाई गृहयुद्ध में मुअम्मर गद्दाफी को सत्ता से हटाने के लिए लड़ाई लड़ी थी। अन्य यूक्रेनी नागरिकों को कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली हवाई अड्डों से गिरफ्तार किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने मिसोरम में प्रवेश करने के लिए अनिवार्य 'प्रोटेक्टेड एरिया परमिट' (PAP) का उल्लंघन किया। वे मुंबई और दिल्ली के होटलों में रुके थे और फिर गुवाहाटी के रास्ते म्यांमार पहुंचे। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे AK-47 राइफलों से लैस अज्ञात आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे।
| विवरण | विवरण (आरोपी समूह) |
|---|---|
| कुल गिरफ्तार | 7 (1 अमेरिकी, 6 यूक्रेनी) |
| प्रवेश मार्ग | मिसोरम (अवैध) |
| मुख्य गतिविधि | ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग |
| लागू कानून | इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. NIA ने UAPA क्यों लागू नहीं किया?
NIA ने स्पष्ट किया है कि UAPA के तहत अपराधों की जांच अभी जारी है और तथ्यों के पूर्ण सत्यापन के बाद पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
2. आरोपियों का मुख्य लक्ष्य क्या था?
उनका लक्ष्य म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन तकनीक और जैमिंग ऑपरेशंस में प्रशिक्षित करना था ताकि वे सैन्य जुंटा पर हमला कर सकें।