पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में एक पांच महीने की गर्भवती महिला को उसके पिता और भाई ने बेरहमी से पीटने के बाद नहर में फेंक दिया। अंतरजातीय विवाह के कारण हुए इस हमले में महिला ने अपनी सूझबूझ से जान बचाई।

  • 22 वर्षीय गर्भवती महिला का अपहरण कर उसे रात भर पीटा गया और फिर नहर में फेंक दिया गया।
  • यह हमला दलित समुदाय के व्यक्ति से शादी करने के कारण पिता और भाई द्वारा किया गया।
  • पिता, भाई और चचेरे भाइयों सहित परिवार के 6 सदस्यों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज।
  • पिछले दो महीनों में क्षेत्र में यह तीसरी 'ऑनर क्राइम' की घटना है।

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले में पारिवारिक क्रूरता की एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। 22 वर्षीय अमनप्रीत कौर, जो पांच महीने की गर्भवती है, अपने ही पिता और भाई के हाथों मौत के मुंह से वापस आई है। उसे रात भर प्रताड़ित किया गया और अंत में राजस्थान फीडर नहर में फेंक दिया गया ताकि वह दुनिया से हमेशा के लिए चली जाए।

इस हिंसा की जड़ें गहरी जातिगत नफरत में हैं। अमनप्रीत, जो जाट सिख समुदाय से है, ने लगभग तीन साल पहले सतनाम सिंह से शादी की थी, जो दलित समुदाय से आते हैं। परिवार इस विवाह के सख्त खिलाफ था, जिसके कारण इस जोड़े ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से सुरक्षा की मांग की थी। अदालत के आदेश के बावजूद, उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं, जिसका परिणाम 6 सितंबर की हिंसक वारदात के रूप में निकला।

पुलिस को दिए बयान के अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब अमनप्रीत के पिता, भाई और चचेरे भाइयों ने सतनाम सिंह और उनके परिवार पर धारदार हथियारों से हमला किया। इसके बाद अमनप्रीत का अपहरण कर लिया गया और पूरी रात उसकी पिटाई की गई। आरोपियों ने उसे अपने पति के खिलाफ लिखित बयान देने के लिए मजबूर किया, जिसे उसने साफ इनकार कर दिया।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल घरेलू हिंसा नहीं, बल्कि क्षेत्र में व्याप्त 'ऑनर किलिंग' और जातिगत घृणा का एक हिस्सा है। यह तथ्य कि जोड़े के पास उच्च न्यायालय का सुरक्षा आदेश था, फिर भी उन पर हमला हुआ, यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर कानून का डर खत्म हो चुका है और स्थानीय सरपंच जैसे प्रभावशाली लोग अक्सर अपराधियों का समर्थन करते हैं।

उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन न होना प्रशासनिक विफलता और जाति-आधारित कट्टरता की गहरी पैठ को उजागर करता है।

अपनी जान बचाने के लिए अमनप्रीत ने एक साहसी कदम उठाया। वह नहर के पानी में तब तक डूबी रही जब तक कि उसके हमलावरों को यह विश्वास नहीं हो गया कि उसकी मौत हो गई है। उनके जाने के बाद, वह तैरकर किनारे तक पहुंची और मदद के लिए पुकारा। वर्तमान में वह लांबी के एक अस्पताल में उपचाराधीन है।

एसएसपी अभिमन्यु राणा ने पुष्टि की है कि पिता और भाई सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, अपहरण और घर में जबरन घुसने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, पति सतनाम सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों की चोटों और तलवारों से हुए हमले को नजरअंदाज किया है।

हालिया ऑनर क्राइम घटनाएं पीड़ित/लक्ष्य परिणाम स्थान
21 जुलाई महकप्रीत कौर मृत (चाकू वार) फरीदकोट
30 अगस्त जगजीत सिंह मृत (चाकू वार) तरनतारन
7 सितंबर अमनप्रीत कौर जीवित बची श्री मुक्तसर साहिब
क्या आप जानते हैं?: भारत में 'खाप पंचायतों' और पारिवारिक परिषदों द्वारा जातिगत सीमाओं को लागू करने के लिए की जाने वाली हिंसा के खिलाफ अदालतों ने कई सख्त निर्देश जारी किए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. अमनप्रीत कौर पर हमला क्यों किया गया?
उसका परिवार उसकी शादी सतनाम सिंह से खुश नहीं था क्योंकि वह दलित समुदाय से हैं, जबकि अमनप्रीत जाट सिख समुदाय से है।

2. अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने पिता और भाई सहित 6 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अपहरण का मामला दर्ज किया है।