तिरुवल्लुर की एक अदालत ने पूर्व AIADMK सांसद एन.एस. जगननाथन को उनकी पहली पत्नी की जानकारी के बिना दूसरी शादी करने के आरोप में दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत ने अपील करने के लिए उन्हें 30 दिनों की मोहलत दी है।
- पूर्व AIADMK सांसद एन.एस. जगननाथन को द्विविवाह (Bigamy) के लिए 2 साल की जेल।
- अदालत ने 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
- पहली पत्नी ललिता ने 2016 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
- अदालत ने सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर जमानत दे दी है।
तिरुवल्लुर की एक स्थानीय अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पूर्व AIADMK सांसद एन.एस. जगननाथन को द्विविवाह के मामले में दोषी पाया है। 69 वर्षीय जगननाथन, जो तिरुवल्लुर जिले के पूनामल्ली यूनियन के एंडरसनपेट के निवासी हैं, ने 1977 में श्रीपेरंबुदूर से सांसद के रूप में कार्य किया था। अदालत ने पाया कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी की सहमति या जानकारी के बिना दूसरा विवाह किया, जो कानूनन अपराध है।
मामले के विवरण के अनुसार, जगननाथन की पहली पत्नी ललिता (63 वर्ष) हैं, जिनसे उनके दो बेटे और एक बेटी है। आरोप है कि उन्होंने गुप्त रूप से वनीता (58 वर्ष) से शादी की, जिनसे उनके तीन बच्चे हैं। इस पारिवारिक विवाद ने तब कानूनी रूप लिया जब 2016 में ललिता ने तिरुवल्लुर ऑल विमेन पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत पारिवारिक विवाद है, बल्कि यह सार्वजनिक जीवन में उच्च पदों पर रहे व्यक्तियों के लिए कानूनी जवाबदेही का एक उदाहरण है। भारतीय कानून के तहत, पहली पत्नी/पति के जीवित रहते और तलाक के बिना दूसरा विवाह करना दंडनीय अपराध है। यह फैसला स्पष्ट करता है कि राजनीतिक प्रभाव कानूनी प्रक्रियाओं से ऊपर नहीं है।
"द्विविवाह के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया अक्सर लंबी होती है, लेकिन यह फैसला वैवाहिक निष्ठा और कानूनी अधिकारों की रक्षा के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
तिरुवल्लुर JM-I कोर्ट के न्यायाधीश सुनील विनोथ ने अंतिम सुनवाई के बाद जगननाथन को दो साल के कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वह जुर्माना भरने में विफल रहते हैं, तो उन्हें एक अतिरिक्त महीने की जेल काटनी होगी।
सजा सुनाए जाने के बाद, जगननाथन ने अदालत के समक्ष अपनी इच्छा व्यक्त की कि वह इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करना चाहते हैं। उनकी इस दलील को स्वीकार करते हुए, न्यायाधीश ने सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया और उन्हें 10,000 रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी।
Frequently Asked Questions
1. एन.एस. जगननाथन ने किस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था?
उन्होंने 1977 में श्रीपेरंबुदूर निर्वाचन क्षेत्र से AIADMK सांसद के रूप में कार्य किया था।
2. अदालत ने सजा को निलंबित क्यों किया?
क्योंकि आरोपी ने इस सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने और जमानत मांगने की इच्छा जताई थी।