धोखेबाज डेवलपर्स गूगल प्ले के 'अर्ली एक्सेस' फीचर का इस्तेमाल कर बिना रिव्यू वाले ऐप्स के जरिए यूजर्स को ठग रहे हैं। ये ऐप्स विज्ञापन के जरिए लोगों को लुभाते हैं और अंततः केवल विज्ञापन दिखाकर पैसा कमाते हैं।
- डेवलपर्स 'अर्ली एक्सेस' का उपयोग कर सार्वजनिक रेटिंग और रिव्यू से बच रहे हैं।
- फेसबुक और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर डीपफेक विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को फंसाया जा रहा है।
- ये ऐप्स कोई मैलवेयर नहीं हैं, लेकिन इनका मुख्य उद्देश्य केवल आक्रामक विज्ञापनों से पैसा कमाना है।
गूगल प्ले स्टोर का 'अर्ली एक्सेस' (Early Access) प्रोग्राम मूल रूप से डेवलपर्स के लिए बनाया गया था ताकि वे ऐप के फाइनल लॉन्च से पहले शुरुआती उपयोगकर्ताओं से फीडबैक ले सकें। हालांकि, हालिया शोध से पता चला है कि बेईमान डेवलपर्स इस सुविधा का फायदा उठाकर यूजर्स को धोखा दे रहे हैं। चूंकि अर्ली एक्सेस ऐप्स में सार्वजनिक रेटिंग या रिव्यू की सुविधा नहीं होती, इसलिए यूजर्स को ऐप की असलियत का पता नहीं चलता।
साइबर सुरक्षा फर्म Bitdefender के अनुसार, ये धोखेबाज डेवलपर्स टिकटॉक और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लुभावने विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में पेपाल (PayPal) भुगतान, क्रिप्टोकरेंसी, गिफ्ट कार्ड या फ्री कैसीनो स्पिन का वादा किया जाता है। जैसे ही कोई यूजर ऐप इंस्टॉल करता है, उसे वादा किया गया कोई भी रिवॉर्ड नहीं मिलता, बल्कि उसे लगातार विज्ञापनों की बौछार का सामना करना पड़ता है।
धोखाधड़ी का तरीका: 'घोस्ट कैसीनो' और ट्रेडमार्क चोरी
इनमें से कई ऐप्स 'घोस्ट कैसीनो' के रूप में काम करते हैं। वास्तविक जुआ ऐप्स के लिए सख्त नियम होते हैं, लेकिन ये ऐप्स खुद को साधारण पहेली या स्लॉट गेम के रूप में पेश कर नियमों से बच निकलते हैं। विज्ञापनों में अक्सर मशहूर एथलीटों और अभिनेताओं के डीपफेक (Deepfakes) का इस्तेमाल किया जाता है ताकि लोग उन पर भरोसा करें।
इसके अलावा, ट्रेडमार्क का दुरुपयोग भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। उदाहरण के लिए, किसी ऐप को पहले 'Grand Theft Auto V (Early Access)' नाम से अपलोड किया जाता है ताकि वह गूगल सर्च में इंडेक्स हो जाए। एक बार सर्च में आने के बाद, उसका नाम और स्क्रीनशॉट बदल दिए जाते हैं, जो पूरी तरह से AI-जनरेटेड होते हैं और गेमप्ले से उनका कोई लेना-देना नहीं होता।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह समस्या केवल व्यक्तिगत वित्तीय नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गूगल के विश्वास-आधारित इकोसिस्टम पर हमला है। जब डेवलपर्स एक लाभकारी सेवा का उपयोग धोखे के लिए करते हैं, तो वास्तविक डेवलपर्स के लिए भी विश्वसनीयता कम हो जाती है। यह दर्शाता है कि केवल स्टोर पर मौजूद होना सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
अर्ली एक्सेस प्रोग्राम की खामियों का फायदा उठाकर डेवलपर्स ने एक ऐसा मॉडल बनाया है जहां यूजर केवल एक विज्ञापन मशीन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
Bitdefender की रिपोर्ट बताती है कि 'Chicken Road' और 'Ice Fishing' जैसे नाम वाले ऐप्स इस योजना में सबसे आम हैं। हालांकि ये ऐप्स सीधे तौर पर मैलवेयर नहीं फैला रहे हैं, लेकिन यह धोखाधड़ी का एक स्पष्ट मामला है जहाँ यूजर के हार्डवेयर और समय का व्यावसायिक लाभ के लिए शोषण किया जाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या अर्ली एक्सेस ऐप्स मेरे फोन का डेटा चुराते हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, ये विशिष्ट ऐप्स मैलवेयर नहीं हैं, लेकिन वे अत्यधिक विज्ञापन दिखाते हैं। फिर भी, किसी भी अज्ञात अर्ली एक्सेस ऐप को देते समय अनुमति (Permissions) का ध्यान रखें।
प्रश्न 2: मैं इन धोखाधड़ी वाले ऐप्स से कैसे बच सकता हूँ?
सोशल मीडिया पर मिलने वाले 'मुफ्त पैसे' या 'फ्री रिवॉर्ड्स' के विज्ञापनों पर भरोसा न करें और केवल विश्वसनीय डेवलपर्स के ऐप्स ही इंस्टॉल करें।