सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान में पलक्कड़ स्टेशन पर पश्चिम बंगाल के चार तस्करों को 71 किलो गांजे के साथ पकड़ा, जो अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

  • पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के चार व्यक्ति 71 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार।
  • पलक्कड़ रेलवे स्टेशन पर एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हुई यह कार्रवाई।
  • जब्त किए गए मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत ₹35 लाख है।
  • पूर्वी राज्यों से केरल में ड्रग्स की तस्करी में वृद्धि देखी गई है।

अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और आबकारी प्रवर्तन एवं एंटी-नारकोटिक स्पेशल स्क्वाड की एक संयुक्त टीम ने गुरुवार को पलक्कड़ रेलवे स्टेशन से चार लोगों को गिरफ्तार किया। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले इन संदिग्धों के पास से लगभग 71 किलो गांजा बरामद किया गया है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान मैनुल इस्लाम (21), मन्नान मोल्ला (38), तोजाम्माल एस.के. (36) और नूर इस्लाम (19) के रूप में हुई है। आरपीएफ इंस्पेक्टर गिरीश सी. और आबकारी निरीक्षक नौफल के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में लगभग ₹35 लाख मूल्य का गांजा जब्त किया गया। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा से आने वाले लोगों द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में गांजा लाया जाना एक संगठित सप्लाई चेन की ओर इशारा करता है। तस्करी के लिए रेलवे नेटवर्क का उपयोग यह दर्शाता है कि तस्कर सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन का सहारा ले रहे हैं।

बल्क ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे हब का उपयोग यह संकेत देता है कि तस्करी गिरोह अब हाईवे चेकपोस्ट से बचने के लिए अपनी रणनीति बदल रहे हैं।

यह गिरफ्तारी ठीक एक सप्ताह पहले हुई एक अन्य बड़ी कार्रवाई के बाद हुई है। 2 सितंबर को ओलावक्कोड में एक विशेष पुलिस दस्ते ने ओडिशा के छह निवासियों को 53.453 किलो गांजे के साथ पकड़ा था। इस मामले में जिखोरिया दिगल और फुरंदर खुरा सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों घटनाओं के बीच कम समय के अंतराल ने पुलिस को यह संदेह करने पर मजबूर कर दिया है कि दोनों गिरोह एक ही बड़े सिंडिकेट का हिस्सा हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: केरल में पिछले कुछ वर्षों में पूर्वी भारत और 'गोल्डन क्रीसेंट' से आने वाले नशीले पदार्थों की मात्रा में वृद्धि हुई है। पलक्कड़, जो केरल का प्रवेश द्वार माना जाता है, ऐतिहासिक रूप से तमिलनाडु और उत्तर भारत से आने वाले अवैध सामानों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट रहा है।

विवरण पलक्कड़ कार्रवाई (10 सित.) ओलावक्कोड कार्रवाई (2 सित.)
जब्त मात्रा 71 किलो 53.453 किलो
संदिग्धों का मूल राज्य पश्चिम बंगाल ओडिशा
गिरफ्तार लोगों की संख्या 4 6
क्या आप जानते हैं?: 1985 का एनडीपीएस अधिनियम मादक पदार्थों की व्यावसायिक मात्रा के लिए कठोर दंड और अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: पलक्कड़ ऑपरेशन में कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?
इस ऑपरेशन में आरपीएफ क्राइम विंग, पलक्कड़ आरपीएफ यूनिट और आबकारी प्रवर्तन एवं एंटी-नारकोटिक स्पेशल स्क्वाड शामिल थे।

प्रश्न 2: हाल की इन दो गिरफ्तारियों के बीच क्या संबंध माना जा रहा है?
पुलिस को संदेह है कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा दोनों समूहों का संबंध एक ही बड़े नेटवर्क से है जो पूर्वी भारत से केरल तक गांजे की तस्करी करता है।