पुणे की एक 34 वर्षीय महिला साइबर अपराधियों के जाल में फंस गई, जिन्होंने खुद को एयर फ्रांस का पायलट बताकर उससे 21.89 लाख रुपये ठग लिए। यह ठगी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए शुरू हुई और 'इमिग्रेशन ऑफिसर' के फर्जी कॉल के साथ अंजाम दी गई।
- मैट्रिमोनियल साइट के जरिए संपर्क कर महिला को विश्वास में लिया गया।
- अपराधियों ने खुद को पेरिस स्थित एयर फ्रांस का पायलट बताया।
- विभिन्न बैंक खातों में 21 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 21.89 लाख रुपये ठगे गए।
पुणे में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 34 वर्षीय महिला को प्यार और शादी के झांसे में लेकर 21.89 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित महिला ने एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से 'शाहजाद शेख' नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। आरोपी ने खुद को पेरिस में रहने वाला एक एयर फ्रांस पायलट बताया और दावा किया कि उसका परिवार पिंपरी-चिंचवड़ के अकुर्डी का रहने वाला है।
ठगी की साजिश तब शुरू हुई जब आरोपी ने महिला को बताया कि वह 21 अगस्त को दिल्ली और फिर पुणे आने वाला है। हालांकि, यात्रा के दिन महिला को एक अज्ञात महिला का कॉल आया, जिसने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट की अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि शाहजाद शेख को एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया है क्योंकि उसके पास 8,000 यूरो की बेहिसाब नकदी पाई गई है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this is a classic case of 'Romance Scam' combined with 'Impersonation Fraud'. Cybercriminals are now targeting lonely individuals on matrimonial platforms, using high-status professions like pilots or doctors to build immediate trust and emotional dependency. This indicates a growing trend of sophisticated social engineering where multiple fake identities (the pilot and the officer) are used to validate the lie.
इसके बाद, महिला को 'इमिग्रेशन ऑफिसर फ्रैंक लेमन' नामक व्यक्ति का कॉल आया। उसने वीजा दस्तावेज़ों की मंजूरी और मुद्रा परिवर्तन के नाम पर पैसों की मांग की। महिला ने विश्वास में आकर 21 अगस्त से 25 अगस्त के बीच 21 अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 21,89,050 रुपये स्थानांतरित कर दिए।
"साइबर अपराधी अब केवल तकनीकी खामियों का नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं और विश्वास का फायदा उठा रहे हैं, जिससे ऐसे फ्रॉड को पकड़ना और मुश्किल हो गया है।"
जब ठगों ने और अधिक पैसों की मांग शुरू की, तब महिला को एहसास हुआ कि वह एक बड़े जाल में फंस चुकी है। पुणे पुलिस ने अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
Frequently Asked Questions
1. मैट्रिमोनियल साइट्स पर धोखाधड़ी से कैसे बचें?
किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे भेजने से पहले उसकी पहचान का सत्यापन करें और आधिकारिक दस्तावेजों की मांग करें।
2. साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।