चंडीगढ़ में CREST‑IDFC धोखाधड़ी मामले में CBI ने IFoS अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव और दो अन्य लोगों के खिलाफ 75.4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का चार्जशीट दायर किया। आरोपियों को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के कई आरोपों का सामना करना पड़ेगा।
- CBI ने नवनीत श्रीवास्तव और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की
- धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग 75.4 करोड़ रुपये बताई गई
- मामले में सरकारी फंड, IDFC फर्स्ट बैंक और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट शामिल हैं
मामले का पृष्ठभूमि
चंडीगढ़ में स्थित CREST (नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन सोसाइटी) के सीईओ पद पर कार्यरत नवनीत श्रीवास्तव, जो एक IFoS (इंडियन फॉरेस्ट सर्विस) अधिकारी भी हैं, पर सरकारी फंड के दुरुपयोग का आरोप लगा। जांच में पता चला कि उन्होंने अपने पद का प्रयोग कर IDFC फर्स्ट बैंक के खाते से लगभग 75.4 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की।
आरोपी और आरोप
चार्जशीट में चार व्यक्तियों के नाम शामिल हैं: नवनीत श्रीवास्तव (IFoS अधिकारी), विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसकी डायरेक्टर, तथा एक अन्य सहयोगी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने आपराधिक साजिश, सबूत मिटाना, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज़ों का उपयोग जैसे गंभीर अपराध किए हैं।
आरोपित रकम और उसका उपयोग
जांच के अनुसार, कंपनी को लगभग 95 लाख रुपये मिले थे, जिन्हें बाद में अचल संपत्ति खरीदने में उपयोग किया गया। साथ ही, सरकारी फंड के 504 करोड़ रुपये की हेराफेरी का भी संकेत मिला है, जो हरियाणा सरकार के कई विभागों को प्रभावित करता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the scale of financial misappropriation in the CREST‑IDFC case underscores systemic vulnerabilities in the oversight of government‑linked funds, potentially eroding public trust in both state institutions and private consultancy firms.
"Such high‑value frauds highlight the urgent need for stricter audit mechanisms and real‑time monitoring of public fund disbursements," says financial crime expert Dr. Ritu Sharma.
Historical Background
पहले भी चंडीगढ़ में सरकारी फंड के दुरुपयोग के कई मामलों की जांच हुई थी, जिसमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नगर निगम के साथ जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों को उजागर किया गया। इन मामलों में CBI ने कुल 13 से अधिक चार्जशीट दायर की हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य‑स्तर पर वित्तीय नियंत्रण में खामियां मौजूद हैं।
Frequently Asked Questions
Q1: नवनीत श्रीवास्तव को कौन से आरोपों का सामना करना पड़ेगा?
A: उन्हें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज़ों का उपयोग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कई आरोप लगाए गए हैं।
Q2: इस केस में CBI की जांच का दायरा क्या है?
A: CBI ने फंड ट्रेल, धन की गंतव्य, और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने के लिए व्यापक वित्तीय ऑडिट और डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू की है।