चेन्नई पुलिस ने एक शातिर इंजीनियरिंग स्नातक को गिरफ्तार किया है जो डिजिटल वॉलेट के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर लोगों से नकदी ठग रहा था। आरोपी ने कई जिलों में लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है।

  • इंजीनियरिंग स्नातक सबरी (32) को चेन्नई के मनाली न्यू टाउन पुलिस ने गिरफ्तार किया।
  • आरोपी डिजिटल वॉलेट (GPay) के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर नकदी हड़प लेता था।
  • तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी और सलेम सहित कई जिलों में ₹15 लाख की ठगी का अनुमान।

चेन्नई की मनाली न्यू टाउन पुलिस ने गुरुवार को एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया जिसने अपनी तकनीकी शिक्षा का उपयोग अपराध के लिए किया। आरोपी, जो एक इंजीनियरिंग स्नातक है, डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किए गए लेनदेन के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर मासूम लोगों को ठग रहा था। यह मामला तब सामने आया जब राजीव गांधी नगर के एक नेट सेंटर में काम करने वाली 27 वर्षीय एम. बोशनिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

घटना के अनुसार, पिछले मंगलवार को आरोपी ने बोशनिया से संपर्क किया और एक प्रस्ताव दिया कि वह GPay के माध्यम से ₹35,000 ट्रांसफर करेगा, जिसके बदले में उसे नकद राशि चाहिए। लेनदेन के बदले आरोपी ने कमीशन देने का लालच भी दिया। जैसे ही बोशनिया ने स्क्रीनशॉट देखा, उसे लगा कि पैसा ट्रांसफर हो गया है और उसने नकदी दे दी। हालांकि, बाद में बैंक खाते की जांच करने पर पता चला कि कोई पैसा जमा नहीं हुआ था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला 'सोशल इंजीनियरिंग' और डिजिटल साक्षरता की कमी का एक खतरनाक मिश्रण है। जब शिक्षित लोग, जैसे कि यह इंजीनियरिंग स्नातक, तकनीक का उपयोग धोखाधड़ी के लिए करते हैं, तो यह साइबर सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। यह दर्शाता है कि केवल ऐप का इंटरफेस देखकर भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।

"डिजिटल भुगतान के युग में, स्क्रीनशॉट कभी भी भुगतान का कानूनी प्रमाण नहीं होते; केवल बैंक स्टेटमेंट और आधिकारिक पुष्टिकरण ही अंतिम सत्य हैं।"

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी की पहचान सबरी (32) के रूप में हुई है, जो धर्मपुरी जिले के हरूर का निवासी है। इंस्पेक्टर अनंतकुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस का उपयोग करते हुए उसे कोयम्बेडु के एक निजी लॉज से धर दबोचा।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सबरी एक पेशेवर ठग बन चुका था। उसने केवल चेन्नई ही नहीं, बल्कि तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी और सलेम जिलों में भी इसी तरह के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फ्रॉड किए थे। अनुमान है कि उसने अब तक विभिन्न पीड़ितों से लगभग ₹15 लाख की ठगी की है।

क्या आप जानते हैं?: आज के समय में कई 'स्क्रीनशॉट मेकर' ऐप्स उपलब्ध हैं जो हूबहू असली दिखने वाले बैंक ट्रांजैक्शन मैसेज और स्क्रीनशॉट बना सकते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: डिजिटल भुगतान की पुष्टि कैसे करें?
हमेशा अपने बैंक ऐप या एसएमएस अलर्ट के माध्यम से बैलेंस चेक करें, न कि केवल प्रेषक द्वारा भेजे गए स्क्रीनशॉट पर भरोसा करें।

प्रश्न 2: इस मामले में आरोपी की पहचान क्या थी?
आरोपी सबरी, एक इंजीनियरिंग स्नातक है जो धर्मपुरी जिले का रहने वाला है।