रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP ने एर्नाकुलम जंक्शन पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है और 10 किलो संदिग्ध गांजा जब्त किया है। जांच में यह मामला ओडिशा से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का संकेत देता है।

  • एर्नाकुलम जंक्शन (दक्षिण) से दो तस्करों और दो खरीदारों सहित चार लोगों की गिरफ्तारी।
  • शालिमार-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस से आए यात्रियों के पास से 10 किलो संदिग्ध गांजा बरामद।
  • प्रारंभिक जांच के अनुसार, नशीला पदार्थ ओडिशा से लाया गया था।
  • बेंगलुरु से तस्करी किए गए MDMA मामले में एक अन्य आरोपी की भी गिरफ्तारी।

नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक निर्णायक अभियान में, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने एर्नाकुलम जंक्शन (दक्षिण) रेलवे स्टेशन पर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया और लगभग 10 किलोग्राम संदिग्ध गांजा जब्त किया गया, जो ड्रग तस्करी के लिए रेलवे नेटवर्क की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी बुद्ध देबू मंडल (22) और सुमन चौधरी (22) शामिल हैं। इन दोनों को शुक्रवार, 11 सितंबर को शालिमार-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस से पहुंचने पर पकड़ा गया। वहीं, चोट्टानिक्करा के स्थानीय युवक आकाश बाबू (22) और अतुल संतोष (27) को इस अवैध खेप को खरीदने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी के लिए लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का उपयोग एक बढ़ता हुआ चलन है। शालिमार-तिरुवनंतपुरम जैसे व्यस्त मार्गों का उपयोग करके, तस्कर हजारों यात्रियों के बीच घुलने-मिलने की कोशिश करते हैं ताकि वे पुलिस की नजरों से बच सकें। यह मामला ओडिशा से पश्चिम बंगाल होते हुए केरल तक फैले एक संगठित नेटवर्क की पुष्टि करता है।

रेलवे कॉरिडोर तस्करी पद्धति को रोकने के लिए RPF और GRP के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह तरीका पारंपरिक हाईवे चेकपोस्ट को आसानी से चकमा दे देता है।

इस कार्रवाई के साथ-साथ, नेदुम्बसेरी पुलिस ने एक अलग narcotics मामले में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कोझिकोड के अभिनव राज (26) को जुलाई में जब्त किए गए 22.17 ग्राम संदिग्ध MDMA के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह ड्रग कथित तौर पर कार के जरिए बेंगलुरु से तस्करी कर लाया गया था, जिससे संकेत मिलता है कि केरल को रेल और सड़क दोनों माध्यमों से निशाना बनाया जा रहा है।

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह केवल एक बड़ी मुहिम की शुरुआत है। RPF-GRP अधिकारियों ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि आने वाले दिनों में स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर तलाशी अभियान तेज किया जाएगा ताकि इन तस्करी गिरोहों के अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके।

क्या आप जानते हैं?: रेलवे स्टेशनों को अक्सर तस्करों द्वारा इसलिए चुना जाता है क्योंकि भारी मात्रा में सामान और यात्रियों की भीड़ नशीले पदार्थों को छिपाने के लिए एक प्राकृतिक आड़ प्रदान करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: जब्त किया गया गांजा कहां से लाया गया था?
RPF और GRP की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह संदिग्ध है कि गांजा ओडिशा से लाया गया था।

प्रश्न 2: MDMA मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
बेंगलुरु से तस्करी किए गए MDMA के मामले में कोझिकोड के 26 वर्षीय अभिनव राज को गिरफ्तार किया गया है।