बांद्रा‑वेस्ट में एक पुनर्विकास परियोजना को लेकर छोटे राजन के नाम से 32 करोड़ रुपये की माँग की गई। पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो को अभी भी तलाशी जारी है।
- बांद्रा‑वेस्ट में 50 साल पुरानी संपत्ति पर 32 करोड़ की एक्सटॉर्शन माँग.
- छोटा राजन गैंग से जुड़े पाँच आरोपी गिरफ्तार.
- वित्तीय समझौता 11 करोड़ में निपटा, दो और आरोपी अभी भी फरार.
पृष्ठभूमि
बॉम्बे के आर्चडायोसेस ने बैंड्रा वेस्ट में स्थित एक 50 साल पुरानी इमारत को पुनर्विकास के लिए टेंडर जारी किया। डिलजै प्रॉपर्टीज ने सबसे अधिक बोली लगाते हुए परियोजना को हासिल किया। इमारत को बीएमसी ने C‑1 वर्ग के ख़तरे वाले भवन के रूप में घोषित किया और बिजली‑पानी की सप्लाई काट दी गई।
धमकी और एक्सटॉर्शन
ध्वंस के बाद, एथल और डैनियल स्टीवन के परिवार के सदस्य साइट पर बार‑बार आए और गैंग‑संबंधी लोगों के साथ मिलकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया। आरोपियों ने कहा कि उनका संबंध राजवीर सिंह (छोटा राजन गैंग) और अन्य स्थानीय दंगों से है। उन्होंने डेवलपर को 32 करोड़ रुपये की रकम देने की चेतावनी दी, नहीं तो हत्या कर देंगे।
समझौता और गिरफ्तारी
अंततः 24 अगस्त को डेवलपर के बैंड्रा कार्यालय में एक अंतिम चेतावनी दी गई और 11 करोड़ रुपये का समझौता किया गया। 1 सितंबर को पुलिस ने एन्करजमेंट ट्रैप सेट करके 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य – एनजीओ मालिक क्लेमेंटिनस फारो और टॉनी – अभी भी फरार हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that इस प्रकार की रियल एस्टेट एक्सटॉर्शन में पुराने गैंग नेटवर्क की जड़ें अभी भी गहरी हैं, जिससे शहरी विकास परियोजनाओं में सुरक्षा जोखिम बढ़ रहा है।
यह मामला शहरी जमीन के पुनर्विकास में गैंगों की सतत प्रभावशीलता को उजागर करता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी आरोपी अब जेल में हैं?
उत्तर: पाँच गिरफ्तार हुए, उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है; दो अभी भी तलाशी के अंतर्गत हैं।
प्रश्न 2: इस केस में पुलिस की भूमिका क्या रही?
उत्तर: मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी‑एक्सटॉर्शन सेल ने साक्ष्य इकट्ठा कर ट्रैप सेट किया और सफलतापूर्वक गिरफ़्तारी की।