मुंबई के प्रतिष्ठित सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट में स्थित 144 साल पुराने ऐतिहासिक किपलिंग बंगले को 10 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार सांस्कृतिक केंद्र में बदला जा रहा है। दिल्ली के बीकानेर हाउस की तर्ज पर बनने वाले इस नए हब में चार आर्ट गैलरी, एक एम्फीथिएटर और प्रदर्शन कला के लिए जगह होगी।

  • ऐतिहासिक किपलिंग बंगले को महाराष्ट्र सरकार से मिले 10 करोड़ रुपये के बजट के साथ एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र में बदला जा रहा है।
  • इस परियोजना में चार आर्ट गैलरी, एक एम्फीथिएटर और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए प्रदर्शन स्थल शामिल होंगे।
  • इस पहल की शुरुआत कुलपति प्रो. हिम चटर्जी द्वारा की गई और इसे दिल्ली के बीकानेर हाउस की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।

मुंबई के प्रतिष्ठित सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट, आर्किटेक्चर एंड डिजाइन के परिसर में स्थित 144 साल पुराना ऐतिहासिक किपलिंग बंगला अब एक नया रूप लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। एक दशक से अधिक समय से जर्जर अवस्था में पड़े इस बंगले को राज्य सरकार द्वारा एक प्रमुख सांस्कृतिक स्थल के रूप में पुनर्जीवित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक लकड़ी और ईंट से बनी संरचना को अब मुंबई के नए आर्ट और कल्चरल हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

मूल रूप से 'डीन्स बंगला' के रूप में जाने जाने वाले इस स्थान को 'द जंगल बुक' के प्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग के नाम पर 'किपलिंग बंगला' कहा जाने लगा। हालांकि इस बंगले का निर्माण 1882 में हुआ था, जो किपलिंग के जन्म के लगभग दो दशक बाद था, लेकिन उनके पिता जॉन लॉकवुड किपलिंग इस संस्थान के पहले डीन थे, जिससे इस बंगले का गहरा ऐतिहासिक महत्व जुड़ा हुआ है।

सांस्कृतिक पुनरुद्धार की नई दृष्टि

इस ऐतिहासिक स्थल के कायाकल्प की योजना तब शुरू हुई जब संस्थान के नए कुलपति प्रो. हिम चटर्जी ने अपने रहने के लिए आवास की तलाश शुरू की। परिसर में स्थित इस ऐतिहासिक बंगले की खराब स्थिति और पानी की अनुपलब्धता को देखकर उन्होंने इसे रहने के बजाय एक सार्वजनिक कला केंद्र में बदलने का विचार किया। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के साथ चर्चा के बाद, इस विचार ने दिल्ली के प्रसिद्ध बीकानेर हाउस की तर्ज पर मुंबई में एक सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने का रूप ले लिया।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि औपनिवेशिक काल के वास्तुकला के चमत्कारों को संरक्षित करना और उन्हें सार्वजनिक सांस्कृतिक स्थानों में बदलना किसी शहर की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह परियोजना न केवल मुंबई के समृद्ध इतिहास को संजोती है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक स्तर का मंच भी प्रदान करती है। यह विरासत और आधुनिक कलात्मक अभिव्यक्ति के बीच की दूरी को पाटने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

परियोजना के तहत, बंगले के आसपास के लगभग 1.5 एकड़ के क्षेत्र को एक जीवंत सांस्कृतिक स्थल में बदला जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस परिसर में चार आर्ट गैलरी विकसित की जा रही हैं, जिनमें से पहली आर्ट गैलरी 'स्वराज' का उद्घाटन हाल ही में किया गया है। यह गैलरी पूर्व में स्थित नौकरों के कमरों (सर्वेंट क्वार्टर) को आपस में जोड़कर बनाई गई है।

“यह बेहद जादुई होगा जब बंगले के बरामदे में संगीत की प्रस्तुति होगी और मुख्य बंगले के भीतर आर्ट गैलरी में कला प्रदर्शनी चल रही होगी,” - प्रो. हिम चटर्जी, कुलपति, सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट।

अगस्त में आयोजित 'स्वराज' प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक संग्रह से 1940 से 1960 के दशक की दुर्लभ कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया था। इसमें देश के महान कलाकारों जैसे वी एस गायतोंडे, जतिन दास और एम एस तलवलकर की शुरुआती कलाकृतियां शामिल थीं। आने वाले समय में, यहाँ छात्रों द्वारा बनाई गई मूर्तियों को भी रणनीतिक लाइटिंग के साथ प्रदर्शित किया जाएगा।

विशेषताकिपलिंग बंगला (मुंबई)बीकानेर हाउस (दिल्ली)
मूल स्थितिडीन का निवास (औपनिवेशिक संरचना)पूर्व शाही निवास (रियासत काल)
प्रमुख सुविधाएं4 आर्ट गैलरी, एम्फीथिएटर, प्रदर्शन मंचगैलरी, बॉलरूम, कॉन्फ्रेंस रूम, उद्यान
फंडिंग/सहायतारु 10 करोड़ (महाराष्ट्र सरकार)दिल्ली राज्य/सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा संचालित
क्या आप जानते हैं?: हालांकि इस बंगले का नाम रुडयार्ड किपलिंग के नाम पर रखा गया है, लेकिन इसका निर्माण 1882 में हुआ था—यानी प्रसिद्ध लेखक के 1865 में इसी परिसर में जन्म लेने के लगभग 17 साल बाद।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: किपलिंग बंगले का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उत्तर 1: 1882 में निर्मित, यह बंगला सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट के डीन का निवास स्थान था। इसका नाम नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक रुडयार्ड किपलिंग के नाम पर रखा गया है, जिनके पिता इस संस्थान के पहले डीन थे।

प्रश्न 2: इस पुनर्विकसित स्थान पर जनता को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
उत्तर 2: यहाँ चार आधुनिक कला दीर्घाएं (आर्ट गैलरी), एक बाहरी एम्फीथिएटर, प्रदर्शन कला मंच और छात्रों द्वारा बनाई गई मूर्तियों को प्रदर्शित करने वाले सुंदर उद्यान होंगे।