राजमहेंद्रवरम में एक परिवार ने गोदावरी नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। एक सुसाइड नोट में शूटिंग अकादमी के मालिक द्वारा बेटी के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है, जिसके बाद पुलिस जांच शुरू हो गई है।

  • पंचायत राज विभाग के 61 वर्षीय सहायक इंजीनियर के. नूका राजू की मृत्यु हो गई।
  • उनकी पत्नी और बेटी अभी भी लापता हैं, जबकि 10 वर्षीय पोते को नदी के एक द्वीप से बचाया गया।
  • सुसाइड नोट में एस.के. सादिक खान पर उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
  • BNS की धारा 108 के तहत 'आत्महत्या के लिए उकसाने' का मामला दर्ज किया गया है।

राजमहेंद्रवरम शहर सोमवार शाम को उस समय दहल गया जब अधिकारियों ने 61 वर्षीय के. नूका राजू का शव बरामद किया। राजू, जो काकीनाडा जिले के पीठापुरम मंडल में पंचायत राज विभाग में सहायक इंजीनियर थे, ने रविवार रात अपनी पत्नी मीना (58), बेटी सौजन्या (38) और 10 वर्षीय पोते के साथ रोड-कम-रेल ब्रिज से गोदावरी नदी में छलांग लगा दी थी।

एक चमत्कारिक मोड़ तब आया जब 10 वर्षीय पोता इस हादसे में जीवित बच गया। स्थानीय मछुआरों ने बच्चे को नदी के एक द्वीप पर बेहोश पाया और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, मीना और सौजन्या की तलाश अभी भी जारी है, जिसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) सोमवार और मंगलवार को व्यापक तलाशी अभियान चला रहा है।

आरोप और सुसाइड नोट का खुलासा

इस आत्मघाती कदम के पीछे का कारण कार में मिले 16 अगस्त के एक सुसाइड नोट से पता चला। काकीनाडा जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को संबोधित इस पत्र में PRO राइफल शूटिंग अकादमी चलाने वाले एस.के. सादिक खान का नाम लिया गया है। नोट में आरोप है कि इस साल फरवरी में सौजन्या के पति की मृत्यु के बाद से सादिक खान उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था।

नोट के अनुसार, खान ने बेटी की देखभाल करने का वादा किया था, लेकिन प्रस्ताव ठुकराने पर उसने राजू और उनके पोते को खत्म करने की धमकी दी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि खान ने उन्हें डरा-धमकाकर उनके बैंक खाते और कीमती सामान अपने कब्जे में ले लिए थे।

उत्पीड़न के मामलों में भावनात्मक हेरफेर जब वित्तीय जबरदस्ती में बदल जाता है, तो यह परिवार के भीतर ऐसी निराशा पैदा करता है जो अक्सर ऐसे विनाशकारी परिणामों की ओर ले जाती है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला विधवा महिलाओं के लिए स्थानीय सुरक्षा तंत्र की विफलता और प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा सरकारी कर्मचारियों के उत्पीड़न की संवेदनशीलता को उजागर करता है। एक हाई-प्रोफाइल अकादमी मालिक की संलिप्तता उस शक्ति असंतुलन को दर्शाती है जिसने संभवतः परिवार को चुप रहने पर मजबूर किया होगा।

इस घटना ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है, जिसमें जन सेना पार्टी के पवन कल्याण ने हस्तक्षेप किया है। उन्होंने काकीनाडा और पूर्वी गोदावरी के एसपी से जांच में तेजी लाने और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

क्या आप जानते हैं?: राजमहेंद्रवरम का रोड-कम-रेल ब्रिज आंध्र प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित वास्तुशिल्प स्थलों में से एक है, जो विशाल गोदावरी नदी पर बना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: आरोपी के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं?
एस.के. सादिक खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत 'आत्महत्या के लिए उकसाने' का मामला दर्ज किया गया है।

प्रश्न 2: इस घटना में कौन जीवित बचा?
के. नूका राजू का 10 वर्षीय पोता जीवित बच गया, जिसे मछुआरों ने नदी के एक द्वीप से बचाया था।