हैदराबाद शहर की तेजी से बढ़ती सीमा के साथ पुलिस को कई सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय करना पड़ता है। कमिश्नर V.C. सज्जनार ने ड्रग, खाद्य सुरक्षा और साइबर अपराध को प्राथमिकता देते हुए नई तकनीक अपनाने की बात की।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ड्रग और खाद्य मिलावट को पुलिस की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है।
  • साइबर धोखाधड़ी से रोज़ लगभग 1 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
  • नए इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई‑आधारित तकनीक से ट्रैफ़िक एवं अपराध नियंत्रण में सुधार की उम्मीद है।

हैदराबाद, जो वर्षों से अपनी सीमाओं को विस्तार देता आ रहा है, अब एक बड़े महानगर के रूप में कई नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। 30 सितंबर 2025 को कमिश्नर बने V.C. सज्जनार ने The Hindu के साथ एक विस्तृत साक्षात्कार में बताया कि कैसे कई सरकारी संस्थानों के एक ही कमिश्नरेट में होने से समन्वय बेहतर हुआ है और यह नागरिकों के लिए सुरक्षा को सुदृढ़ करता है।

प्रमुख संस्थाओं का एकीकृत प्रबंधन

रायगुंड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA), बेगम्पेट हवाई अड्डा, हाई कोर्ट, सचिवालय एवं कई मंत्री आवासीय परिसर अब पुलिस के अधिकार क्षेत्र में शामिल हैं। इससे पहले विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय में खामियां थीं, लेकिन अब एक ही कमिश्नरेट के तहत काम करने से त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर निगरानी संभव हो पाई है।

ड्रग, खाद्य मिलावट और साइबर अपराध: शीर्ष प्राथमिकताएँ

सज्जनार ने स्पष्ट किया कि तीन मुख्य क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है: पहला ड्रग नियंत्रण, दूसरा साइबर अपराध, और तीसरा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खाद्य मिलावट की रोकथाम। ईगल (EAGLE) एवं नशा नियंत्रण विंग की सक्रिय कार्रवाई से आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आया है, जबकि 33 डी‑एडिक्शन सेंटर्स की स्थापना से नशा मुक्ति में सामाजिक भागीदारी बढ़ी है।

साइबर धोखाधड़ी के मामले में अनुमानित नुकसान लगभग ₹1 करोड़ प्रतिदिन है। कमिश्नर ने बताया कि यह केवल पुलिस का मुद्दा नहीं, बल्कि बैंक, टेलीकॉम, इंटरनेट प्रदाता और नियामक संस्थाओं का सामूहिक समस्या है। प्रणालीगत बदलाव, जैसे म्यूल अकाउंट्स और फर्जी सिम कार्ड को समाप्त करना, इस समस्या को जड़ से खत्म करने की कुंजी है।

खाद्य सुरक्षा और ट्रैफ़िक प्रबंधन

भोजन में मिलावट से सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, इसलिए यह भी प्राथमिकता सूची में है। सरकार के साथ मिलकर कानूनी सुधारों पर काम किया जा रहा है ताकि प्रवर्तन को सुदृढ़ किया जा सके। ट्रैफ़िक के संदर्भ में, नई आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के कारण वाहनों की संख्या बढ़ रही है। गलत दिशा में गाड़ी चलाना और नियमों की अनदेखी अभी भी बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान में नागरिकों की जागरूकता और सांस्कृतिक बदलाव आवश्यक है।

भविष्य की दिशा: इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई

मुख्य मंत्री A. रेवंथ रेड्डी के तहत चल रहे H‑CITI (Hyderabad‑City Innovative and Transformative Infrastructure) परियोजना के तहत कई फ्लाईओवर, अंडरपास और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर बन रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में भीड़भाड़ को कम करेंगे। साथ ही, एआई‑आधारित निगरानी प्रणाली और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपराध प्रवृत्तियों की भविष्यवाणी की जा रही है, जिससे पुलिस कार्रवाई में गति और सटीकता बढ़ेगी।