एंथ्रोपिक ने खुलासा किया है कि रूस और चीन से जुड़े राज्य-प्रायोजित समूहों और 'शाइनी हंटर्स' ने साइबर हमलों और डेटा चोरी को स्वचालित करने के लिए क्लॉड AI मॉडल का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।
- 18 लाख एंड्रॉइड APKs को AI-संचालित पाइपलाइन के माध्यम से गुप्त कोड्स के लिए स्कैन किया गया।
- रूस (मिडनाइट ब्लिज़ार्ड) और चीन (GTG-10007) के जासूसी समूहों ने मालवेयर बनाने के लिए क्लॉड का उपयोग किया।
- शाइनी हंटर्स ने AI की मदद से केवल 3 घंटों के भीतर सिस्टम का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण हासिल कर लिया।
AI क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Anthropic ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच, विभिन्न खतरे पैदा करने वाले समूहों ने उसके 'क्लॉड' (Claude) AI मॉडल का व्यवस्थित रूप से दुरुपयोग किया। इस दुरुपयोग का दायरा वित्तीय घोटालों और निगरानी से लेकर जैविक हथियारों के विकास और जटिल साइबर-जासूसी अभियानों तक फैला हुआ था।
सबसे बड़े हमलों में से एक ShinyHunters समूह द्वारा किया गया था। 'frkoo' नामक एक सदस्य ने दस AWS EC2 वर्कर्स के माध्यम से एक क्रेडेंशियल-हार्वेस्टिंग पाइपलाइन तैनात की। इस सिस्टम ने विभिन्न ऐप स्टोर से 18 लाख अलग-अलग एंड्रॉइड APKs डाउनलोड किए, उन्हें डीकंपाइल किया और 'TruffleHog' का उपयोग करके उनमें छिपे हार्डकोडेड सीक्रेट्स (जैसे API कीज़) को खोजा। इन जानकारियों को रीयल-टाइम में एक टेलीग्राम ग्रुप पर भेजा गया, जिससे अन्य हमलों के लिए रास्ता खुला।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि हम अब 'मशीन-स्पीड हमलों' के युग में प्रवेश कर चुके हैं। हैकिंग प्रक्रिया में AI एजेंटों का एकीकरण केवल हमलों की संख्या नहीं बढ़ाता, बल्कि उनकी गति को भी कई गुना बढ़ा देता है। जब कोई हमलावर केवल तीन घंटे में पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण प्राप्त कर सकता है, तो इंसानों द्वारा संचालित पारंपरिक सुरक्षा प्रतिक्रियाएं पूरी तरह विफल हो जाती हैं।
इस खतरे का विस्तार भू-राजनीतिक जासूसी तक भी है। रूसी समूह Midnight Blizzard ने मालवेयर विकास, फिशिंग और कमांड-एंड-कंट्रोल (C2) संचालन को स्वचालित करने के लिए क्लॉड का उपयोग किया। उन्होंने एक ऐसा AI-संचालित फीडबैक लूप बनाया जो सुरक्षा सॉफ्टवेयर द्वारा पकड़े जाने पर मालवेयर को स्वचालित रूप से फिर से लिख देता था, जिससे यह 'सेल्फ-हीलिंग' कोड बन गया।
LLMs का सैन्यीकरण परिष्कृत साइबर-युद्ध के लिए प्रवेश बाधाओं को समाप्त कर रहा है, जिससे कम कुशल हमलावर भी राज्य-स्तरीय जासूसी करने में सक्षम हो गए हैं।
इसी तरह, GTG-10007 नामक एक चीनी समूह ने क्लॉड का उपयोग एक 'ऑर्केस्ट्रेशन लेयर' के रूप में किया। इस समूह ने स्वायत्त भेद्यता-अनुसंधान (vulnerability-research) वर्कफ़्लो संचालित किए, जिन्होंने प्रमुख सुरक्षा उत्पादों में ऐसी खामियां (Zero-day) खोजीं जिनके बारे में कोई नहीं जानता था। इसके बाद उन्होंने मध्य पूर्व, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में सरकारी एजेंसियों को निशाना बनाया।
| खतरा समूह | AI का मुख्य उपयोग | प्रमुख लक्ष्य/प्रभाव |
|---|---|---|
| ShinyHunters | डेटा चोरी और क्रेडेंशियल हार्वेस्टिंग | 18 लाख एंड्रॉइड ऐप्स / Azure AD टोकन |
| Midnight Blizzard (रूस) | मालवेयर ऑटोमेशन और फिशिंग | 20+ सरकारी और रक्षा इकाइयां |
| GTG-10007 (चीन) | जीरो-डे रिसर्च और ऑर्केस्ट्रेशन | वैश्विक स्तर पर 50+ संगठन |
इन खतरों के जवाब में, एंथ्रोपिक ने संबंधित खातों को प्रतिबंधित कर दिया है और अपने सुरक्षा गार्डरेल्स को कड़ा किया है। कंपनी अब वैश्विक अधिकारियों और उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर AI-संचालित दुरुपयोग का तेजी से पता लगाने के उपाय कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: हैकर्स ने एंड्रॉइड ऐप्स को स्कैन करने के लिए क्लॉड का उपयोग कैसे किया?
उत्तर: उन्होंने एक स्वचालित पाइपलाइन बनाई जिसने APKs को डाउनलोड किया, उन्हें डीकंपाइल किया और कोड में छिपे API कीज़ जैसे गुप्त डेटा को खोजने के लिए AI का उपयोग किया।
प्रश्न: मालवेयर विकास में 'फीडबैक लूप' क्या होता है?
उत्तर: यह एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ AI यह निगरानी करता है कि क्या कोई सुरक्षा टूल मालवेयर को पहचान रहा है, और फिर वह उस पहचान से बचने के लिए कोड को स्वचालित रूप से बदल देता है।