तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने उपयोगकर्ताओं को वायरल '1980s रेट्रो फोटो एडिटिंग' ट्रेंड के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड से बचने की चेतावनी दी है। जालसाज संदिग्ध APK फाइलों के माध्यम से निजी डेटा और बैंकिंग जानकारी चुरा रहे हैं।

  • वायरल रेट्रो फोटो एडिटिंग ऐप्स के जरिए डेटा चोरी का खतरा।
  • संदिग्ध लिंक और अनवेरिफाइड APK फाइलों से बचें।
  • ऐप्स को केवल आधिकारिक स्टोर (Play Store/App Store) से ही डाउनलोड करें।
  • साइबर अपराध की रिपोर्ट 1930 या व्हाट्सएप नंबर 8712672222 पर करें।

हैदराबाद: तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे '1980 के दशक के रेट्रो फोटो एडिटिंग' ट्रेंड से सावधान रहने को कहा है। ब्यूरो के अनुसार, साइबर अपराधी इस ट्रेंड का फायदा उठाकर लोगों के मोबाइल फोन से संवेदनशील जानकारी चुरा रहे हैं।

जांच में पाया गया है कि जालसाज ऐसे विज्ञापनों और संदेशों का प्रसार कर रहे हैं जो मुफ्त या असीमित रेट्रो फोटो एडिटिंग सुविधाओं का वादा करते हैं। जब उपयोगकर्ता इन लुभावने ऑफर्स के लालच में आते हैं, तो उन्हें संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनवेरिफाइड स्रोतों से APK फाइलें डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

खतरा कितना बड़ा है?

एक बार जब ये दुर्भावनापूर्ण (malicious) एप्लिकेशन इंस्टॉल हो जाते हैं, तो वे फोन पर अत्यधिक अनुमतियाँ (permissions) मांगते हैं। ये ऐप्स आपके SMS, OTP, कॉन्टैक्ट्स, बैंकिंग विवरण, और व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। चोरी की गई इस जानकारी का उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी, अनधिकृत लेनदेन और पहचान की चोरी (identity theft) जैसे गंभीर साइबर अपराधों के लिए किया जा सकता है।

"एक आकर्षक फोटो-एडिटिंग ऑफर एक जाल हो सकता है। क्लिक करने से पहले सोचें, इंस्टॉल करने से पहले सत्यापित करें, और कभी भी अज्ञात APK फाइलों पर भरोसा न करें," TGCSB निदेशक शिखा गोयल ने कहा।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार क्यों मायने रखता है यह?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि जैसे-जैसे एआई (AI) और फिल्टर आधारित ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ रही है, साइबर अपराधी मानवीय भावनाओं और 'ट्रेंड' का लाभ उठाने के नए तरीके खोज रहे हैं। यह मामला केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल साक्षरता की कमी को दर्शाता है जो बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सोशल मीडिया ट्रेंड और साइबर क्राइम

ऐतिहासिक रूप से, साइबर अपराधी हमेशा नए ट्रेंड्स का सहारा लेते रहे हैं। चाहे वह 'लॉटरी जीतने' के मैसेज हों या 'फ्री गिफ्ट कार्ड' के वादे, अपराधी हमेशा लोगों के मनोविज्ञान के साथ खेलते हैं। रेट्रो फोटो फिल्टर का उपयोग करना केवल एक नया तरीका है जिससे वे सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें।

सावधानी के उपाय

ब्यूरो ने निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है:

  • अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें।
  • केवल आधिकारिक ऐप स्टोर का उपयोग करें।
  • ऐप इंस्टॉल करते समय मांगी गई अनुमतियों (permissions) की सावधानीपूर्वक जांच करें।
  • अपना OTP, पिन या पासवर्ड कभी साझा न करें।
Did You Know?: क्या आप जानते हैं कि एक गलत APK फाइल आपके पूरे बैंकिंग खाते को कुछ ही सेकंड में खाली कर सकती है?

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि मैंने गलती से संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कर लिया है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें और अपने फोन की सुरक्षा सेटिंग्स की समीक्षा करें।

प्रश्न 2: साइबर अपराध की रिपोर्ट कहाँ करें?
उत्तर: आप 1930 पर कॉल कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।