सोमवार दोपहर दल्लुपुरा के एक गोदाम में आग लगने से काला धुआँ आसमान में घिर गया। 15 फायर यूनिट्स ने 1:50 बजे तक आग को नियंत्रित किया, जबकि छह लोगों को चोट पहुँची।

  • गोदाम में 15 फायर यूनिट्स ने आग पर नियंत्रण किया।
  • छह निवासी घायल, कोई मृत्यु नहीं हुई।
  • दल्लुपुरा और स्वरोप नगर में उसी दिन दो अलग गोदामों में आग लगी।

दल्लुपुरा, पूर्वी दिल्ली में धर्मशिला अस्पताल के पीछे स्थित गोदाम में 13 सितंबर 2026 को दोपहर 3:29 बजे आग लग गई, जिससे काला धुआँ शहर की आकाश रेखा पर छा गया।

सुरक्षा विभाग ने तुरंत चार पानी टेंडर और एक पानी बॉक्सर भेजे, परंतु आग का फैलाव तेजी से बढ़ने के कारण 15 यूनिट्स को तैनात किया गया। 1:50 बजे तक आग को नियंत्रित किया गया, लेकिन आग के दौरान छः पड़ोसी घरों के निवासी घायल हो गए।

समीक्षा के अनुसार, गोदाम में प्लाईवुड और पीवीसी सामग्री रखी थी, जिससे आग का कारण ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी माना जा रहा है।

Why This Matters

बोज़ोकमीडिया विश्लेषण बताता है कि दिल्ली के व्यस्त शहरी इलाकों में गोदामों की सुरक्षा नियमों का पालन न करने से बड़े पैमाने पर दुर्घटनाएँ हो सकती हैं, जिससे न केवल संपत्ति का नुकसान होता है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है।

“शहरी गोदामों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों का सख्त पालन अनिवार्य है, अन्यथा यह नागरिकों के लिए एक लगातार खतरा बन जाता है।” – डॉ. रोहन शर्मा, अग्निशमन विशेषज्ञ।
Did You Know? 2019 में दिल्ली में 42 गोदामों में आग लगी थी, जिनमें से 28 में चोटें आई थीं।

Frequently Asked Questions

Q1: आग का मुख्य कारण क्या था?

A1: प्रारंभिक जाँच से पता चला कि गोदाम में मौजूद प्लाईवुड और पीवीसी सामग्री ज्वलनशील थीं, जो आग के फैलाव का मुख्य कारण बनी।

Q2: कितनी फायर यूनिट्स तैनात हुईं?

A2: कुल 15 फायर यूनिट्स, जिनमें 8 पानी टेंडर और 6 पानी बॉक्सर शामिल थे, आग को नियंत्रित करने के लिए भेजी गईं।