दिल्ली सरकार ने 2026‑27 बजट में 1.3 लाख कक्षा‑9 की सरकारी स्कूल लड़कियों को मुफ्त साइकिलें देने का वादा किया। यह पहल 90 करोड़ रुपये के बजट से चलायी जाएगी, जिससे स्कूल ड्रॉप‑आउट घटाने और पर्यावरणीय लाभ दोनों की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- जुलाई के अंत तक 1.3 लाख कक्षा‑9 की लड़कियों को मुफ्त साइकिलें वितरित की जाएँगी
- योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया
- छात्रियों की सुरक्षा, ड्रॉप‑आउट घटाना और वायु प्रदूषण में कमी प्रमुख लक्ष्य हैं
दिल्ली सरकार ने 2026‑27 के दिल्ली बजट में एक प्रमुख घोषणा की – कक्षा‑9 की सरकारी स्कूल लड़कियों को मुफ्त साइकिलें प्रदान करना। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस योजना को आधिकारिक तौर पर उजागर किया, जिससे लगभग 1.3 लाख छात्राएँ लाभान्वित होंगी।
योजना का परिचय और कार्यान्वयन चरण
बजट प्रस्तुत करने के बाद से ही साइकिलों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और कई बैच पहले ही दिल्ली के गोदामों में पहुँच चुके हैं। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि वितरण इस महीने के अंत में शुरू होगा, पहले शालिमार बाग निर्वाचन क्षेत्र के विद्यालयों से और फिर क्रमशः सभी क्षेत्रों में विस्तार किया जाएगा।
वित्तीय समर्थन और बजट आवंटन
इस पहल के लिए दिल्ली सरकार ने ₹90 करोड़ की राशि अलग रखी है। यह राशि साइकिलों की खरीद, लॉजिस्टिक खर्च और साथ ही साइकिल-उपयोगी छात्रों के लिए सुरक्षा बुनियादी ढाँचे के सुधार में उपयोग होगी। अधिकारी यह भी संकेत दे रहे हैं कि साइकिलों की डिलीवरी के साथ ही स्कूल‑परिसर में साइकिल‑सुरक्षा के लिए विशेष लेन और संकेतक स्थापित किए जाएंगे।
समाज‑आधारित लाभ और पर्यावरणीय लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि कई लड़कियों का स्कूल छोड़ना केवल “परिवहन की कमी” के कारण होता है। मुफ्त साइकिलें उन्हें स्वावलंबी बनाएँगी, जिससे ड्रॉप‑आउट दर में गिरावट की आशा है। साथ ही, साइकिल के उपयोग से दिल्ली की वायु प्रदूषण को घटाने में योगदान मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह “स्वच्छ गतिशीलता” की दिशा में एक कदम माना गया है।
राष्ट्रीय और अंतर‑राज्यीय संदर्भ
तामिलनाडु, बिहार और कई अन्य राज्यों ने समान पहलें शुरू कर दी हैं, जिससे दिल्ली का यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा‑संबंधी समानता और पर्यावरण‑सुरक्षा के व्यापक लक्ष्य के साथ तालमेल रखता है। इस योजना का सफल कार्यान्वयन अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन सकता है, जिससे भविष्य में अधिक छात्राओं को लाभ मिल सकता है।
अधिक अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि साइकिल वितरण के साथ-साथ छात्रों को साइकिल चलाने के सुरक्षित अभ्यास, ट्रैफ़िक नियमों और पर्यावरणीय जागरूकता पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह योजना न केवल शैक्षिक अवसरों को बढ़ावा देती है, बल्कि दिल्ली के शहरी परिदृश्य को भी अधिक हरित बनाती है।