UPSC 2027 प्रीलिम्स के लिए राजनीति और शासन पर इस साप्ताहिक क्विज़ में सुप्रीम कोर्ट के एआई उपयोग नियम, नर्मदा जल विवाद में शामिल राज्य और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की गहन जांच की गई है। उम्मीदवारों को इन प्रश्नों के माध्यम से अपनी तैयारी को परखने का अवसर मिलता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सुप्रीम कोर्ट ने 2026 में एआई के प्रयोग के लिए विस्तृत नियम जारी किए हैं, जो प्रशासनिक कार्यों तक सीमित हैं।
- नर्मदा जल विवाद में चार राज्य (मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़) शामिल हैं।
- UPSC की तैयारी में इन विषयों की गहरी समझ आवश्यक है, क्योंकि ये लगातार परीक्षा में पूछे जाते हैं।
सुप्रीम कोर्ट (SC) ने 2026 में “Courts में Artificial Intelligence (AI) के उपयोग के लिए नियम” का ड्राफ्ट जारी किया, जिसका उद्देश्य न्यायिक प्रणाली में एआई के नैतिक एवं पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करना है। यह नियम प्रशासनिक कार्य जैसे केस मैनेजमेंट, ट्रांसक्रिप्शन, अनुवाद और दस्तावेज़ सारांशण को एआई द्वारा संभव बनाता है, परंतु निर्णय‑निर्धारण में एआई को केवल सलाहकार भूमिका तक सीमित रखता है। इस दिशा‑निर्देश का प्रमुख उद्देश्य मानव न्यायिक अधिकार को अपरिवर्तित रखना और अल्गोरिदमिक निर्णय‑निर्धारण के जोखिम को कम करना है।
नियमों का व्यावहारिक प्रभाव
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, एआई का उपयोग केवल लिखित अनुमोदन के बाद ही संभव है, जिसे सुप्रीम कोर्ट की एपीक्स बॉडी या हाई कोर्ट के एआई कमेटी द्वारा जारी किया जाता है। इसके अलावा, ‘रिस्क स्कोरिंग’, ‘बेल मूल्यांकन’ और ‘ब्लैकबॉक्स AI’ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में उपयोग को ‘अपरिवर्तनीय’ कहा गया है, जिससे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अनावश्यक प्रभाव से बचा जा सके। इस प्रकार, एआई को सहायता उपकरण के रूप में अपनाना, लेकिन निर्णय की अंतिम जिम्मेदारी हमेशा मानव जज की होगी।
नर्मदा जल विवाद का विस्तार
नर्मदा जल विवाद त्रिब्यूनल (NWDT) 1969 में स्थापित किया गया था और 1979 में अपना पुरस्कार जारी किया। इस पुरस्कार ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ को जल वितरण तथा नवीग्राम जलविद्युत परियोजनाओं में शक्ति साझा करने का निर्धारण किया। हाल ही में इन चार राज्यों के मुख्यमंत्री ने बकाया देनदारी निपटाने के लिए एक समझौता किया, जिससे जल उपयोग की स्थिरता और परियोजना की आर्थिक दक्षता में सुधार की उम्मीद है।
UPSC तैयारी के लिए रणनीति
उम्मीदवारों को इन दो प्रमुख विषयों – एआई नियमन और नर्मदा जल विवाद – को अपने स्थैतिक पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। एआई नियमों की नवीनतम अपडेट, सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक दस्तावेज़ और राज्य‑स्तर की जल‑संबंधी नीतियों का अध्ययन, प्रश्न‑उत्तर अभ्यास के साथ मिलाकर, उम्मीदवारों को परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने में मदद करेगा। साथ ही, जल‑विवादों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अंतर‑राज्यीय जल‑संघर्षों के कानूनी ढाँचे को समझना, विश्लेषणात्मक लेखन में लाभदायक सिद्ध होगा।
भविष्य की संभावनाएँ
जैसे-जैसे डिजिटल तकनीक न्यायिक प्रक्रिया में घुसती जा रही है, एआई के उपयोग के नियम निरंतर विकसित होते रहेंगे। यह न केवल भारतीय न्यायिक प्रणाली के लिए एक मॉडल स्थापित करेगा, बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक संदर्भ बन सकता है। जल‑विवादों के संदर्भ में, जल‑स्रोतों का सतत प्रबंधन और संबंधित राज्यों के बीच सहयोग, जल‑सुरक्षा और ऊर्जा‑सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।