कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने CET-2026 के पहले दौर के सीट आवंटन के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्रों को कॉलेज में प्रवेश के लिए 24 जुलाई तक की समय सीमा दी गई है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- KEA ने प्रथम चरण में 1,22,512 सीटों का आवंटन किया है।
- प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क भुगतान के लिए अंतिम तिथि 24 जुलाई निर्धारित है।
- छात्रों को 'चॉइस' विकल्पों में बदलाव करने की विशेष सुविधा दी गई है।
- स्पोर्ट्स कोटा की सीटें दूसरे दौर में आवंटित की जाएंगी।
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने इंजीनियरिंग और अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित CET-2026 के प्रथम चरण के सीट आवंटन परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस वर्ष विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपलब्ध कुल 1,41,872 सीटों में से, पहले दौर में 1,22,512 सीटों का आवंटन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
चॉइस विकल्पों में लचीलापन और नए नियम
इस वर्ष KEA ने उम्मीदवारों को राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने 'चॉइस' विकल्पों (Choice Options) में संशोधन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार 'Choice-2', 'Choice-3' या 'Choice-4' के बीच स्विच करना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी। यहाँ तक कि जिन्होंने शुरुआत में 'Choice-4' चुना था, वे भी अपना विकल्प बदलकर काउंसलिंग प्रक्रिया में पुनः प्रवेश कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि जिन छात्रों ने 'Choice-1' चुनकर शुल्क का भुगतान कर दिया है और कॉलेज में रिपोर्ट कर दिया है, वे अब अपने विकल्प नहीं बदल पाएंगे।
मेडिकल और स्पोर्ट्स कोटा अपडेट
NEET आधारित पाठ्यक्रमों जैसे मेडिकल, डेंटल और आयुष के उम्मीदवारों के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। यदि किसी छात्र को किसी अन्य पाठ्यक्रम में सीट मिल गई है, तो उन्हें 'Choice-2' चुनने की सलाह दी गई है। मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए नए विकल्प प्रविष्टि NEET के परिणामों और सीट मैट्रिक्स के जारी होने के बाद शुरू होगी।
दूसरी ओर, स्पोर्ट्स कोटा के तहत सीटों का आवंटन पहले दौर में नहीं किया जा सका है। इसका मुख्य कारण युवा सशक्तिकरण और खेल विभाग से पात्र उम्मीदवारों की सूची प्राप्त होने में हुई देरी है। खेल कोटा की सीटों का आवंटन अब दूसरे दौर की काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा।
महत्वपूर्ण समय सीमा
सभी आवंटित सीटों के लिए उम्मीदवारों को अपना विकल्प चयन, शुल्क भुगतान और संबंधित कॉलेजों में रिपोर्टिंग की प्रक्रिया 24 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी। देरी होने की स्थिति में छात्र अपना प्रवेश खो सकते हैं।