तमिलनाडु के अम्बूर स्थित मज़रूल उलूम कॉलेज ने बी.एससी. गणित और बी.ए. अर्थशास्त्र जैसे कम लोकप्रिय कोर्सों को बंद कर दिया, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में इनको कोई छात्र नहीं मिला। कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि इस निर्णय से छात्रों के विकल्प घटेंगे, पर वित्तीय दबाव को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- बी.एससी. गणित और बी.ए. अर्थशास्त्र में लगातार 3 साल कोई प्रवेश नहीं मिला
- कॉलेज अब पाँच ही सहायक अंडरग्रेजुएट कोर्स चला रहा है
- छात्रों को अन्य लोकप्रिय कोर्स जैसे बी.ए. कॉरपोरेट इकोनॉमिक्स, बीबीए और बी.कॉम में सीमित विकल्प मिलेंगे
तमिलनाडु के त्रिपटुर जिले में स्थित मज़रूल उलूम कॉलेज (स्वायत्त) ने आर्थिक तर्क के आधार पर दो प्रमुख अंडरग्रेजुएट कोर्स—बी.एससी. गणित और बी.ए. अर्थशास्त्र—को बंद कर दिया है। कॉलेज के प्रिंसिपल‑इन‑चार्ज के.एच. कलीमुल्लाह ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में इन दोनों कोर्सों में शून्य या बहुत कम छात्र दाखिला हुआ, जिससे विभागों की संचालन लागत और शिक्षक वेतन का बोझ अनावश्यक रूप से बढ़ गया।
पृष्ठभूमि और छात्र प्रवाह की गिरावट
मज़रूल उलूम कॉलेज थिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय, वेल्लोर से संबद्ध है और पहले कई सहायक UG कोर्स प्रदान करता था। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान‑वाणिज्य के कोर्सों के प्रति छात्रों की रुचि बदल गई है, और विशेषकर गणित और अर्थशास्त्र जैसे पारंपरिक कोर्सों में प्रवेश घटता जा रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बी.एससी. गणित को पिछले तीन निरंतर शैक्षणिक वर्षों में कोई छात्र नहीं मिला, जबकि बी.ए. अर्थशास्त्र में भी न्यूनतम छात्रों की संख्या पूरी नहीं हो पाई।
वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियाँ
कोर्स बंद करने का निर्णय केवल छात्र प्रवाह की कमी पर नहीं, बल्कि वित्तीय स्थिरता पर भी आधारित था। पाँच शिक्षक विभाग में नियुक्त थे, परन्तु बिना छात्रों के वेतन, प्रयोगशाला रखरखाव और अन्य स्थायी खर्चें कॉलेज के बजट को नुकसान पहुँचा रहे थे। कलीमुल्लाह ने कहा, “यदि विभाग में छात्रों की संख्या नहीं है, तो शिक्षक को वेतन देना, लाइब्रेरी सामग्री अपडेट करना और बुनियादी सुविधाएँ बनाए रखना असंभव हो जाता है।”
वर्तमान कोर्स और भविष्य की दिशा
अब कॉलेज पाँच सहायक UG कोर्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है: बी.ए. कॉरपोरेट इकोनॉमिक्स, बीबीए और बी.कॉम सहित दो अन्य कोर्स। इन कोर्सों में प्रत्येक सेक्शन में न्यूनतम 20 छात्रों की आवश्यकता होती है, जिसे कॉलेज ने अधिकांशतः पूरा कर लिया है। हालांकि, कुछ अभिभावक अभी भी अपने बच्चों को गणित या अर्थशास्त्र के बजाय अधिक व्यावसायिक कोर्स में नामांकित करने को प्राथमिकता देते हैं, जिससे भविष्य में इसी तरह के निर्णयों की संभावना बनी रहती है।
संघर्ष और नियामक प्रतिक्रिया
ऐसे में विश्वविद्यालय शिक्षकों के संघ ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से शिकायत की कि कॉलेज ने 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष में सहायक UG कार्यक्रम बंद करके अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के अवसर घटाए हैं। कलीमुल्लाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रवेश समिति को नियामक दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थापित किया गया है, जिसमें स्वयं प्रिंसिपल अध्यक्षता करते हैं और विभाग प्रमुख व उप‑प्रिंसिपल सदस्य हैं।