बेंगलुरु स्थित 0 Why Not Technologies ने VIT को छात्र नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट‑अप समर्थन हेतु ₹50 लाख की शुरुआती एन्डॉमेंट फंड प्रदान की। इस पहल में वित्तीय सहायता के साथ‑साथ उद्योग मेंटरशिप, स्टार्ट‑अप मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास के अवसर भी शामिल हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • VIT को ₹50 लाख की एन्डॉमेंट फंड प्राप्त हुई
  • फंड में मेंटरशिप, स्टार्ट‑अप गाइडेंस और नेतृत्व विकास शामिल
  • 5 साल में कुल ₹45 करोड़ का फंड बनाने की योजना

वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (VIT) ने 0 Why Not Technologies, बेंगलुरु‑आधारित एक प्रौद्योगिकी कंपनी से अपने छात्र नवाचार कार्यक्रमों के लिए पहला ₹50 लाख का एन्डॉमेंट फंड प्राप्त किया। यह फंड छात्रों में उद्यमशीलता, नवाचार और स्टार्ट‑अप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, जिससे शैक्षणिक माहौल में व्यावहारिक अनुप्रयोग की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ेगा।

समझौता और उद्देश्य

मार्च 2024 में दो पक्षों के बीच हस्ताक्षरित समझौते (MoU) के अनुसार, फंड का उपयोग वित्तीय सहायता के साथ‑साथ उद्योग‑आधारित मेंटरशिप, स्टार्ट‑अप मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास कार्यक्रमों के लिये किया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य छात्रों को उनके विचारों को व्यावसायिक वास्तविकता में बदलने हेतु आवश्यक संसाधन और नेटवर्क प्रदान करना है, जिससे भारत में छात्र‑उद्यमियों की संख्या में वृद्धि होगी।

भविष्य की योजना और विस्तार

0 Why Not Technologies ने अगले पाँच वर्षों में कुल ₹45 करोड़ का एन्डॉमेंट फंड स्थापित करने की योजना बतायी है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो यह भारत के सबसे बड़े उद्योग‑समर्थित छात्र नवाचार पहलों में से एक बन जाएगा। फंड का विस्तार न केवल तकनीकी स्टार्ट‑अप बल्कि विज्ञान, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक उद्यम क्षेत्रों में भी छात्रों को प्रोत्साहित करेगा।

प्रस्तुति समारोह और भागीदार

VIT के बी.टेक छात्र ओरिएंटेशन कार्यक्रम में इस फंड की पहली किस्त का औपचारिक प्रस्तुतीकरण हुआ। चेक को हार्षा वरधन, सतीश कुमार, सैलेश डोंटुला (VIT अलुम्नस 2012, मैकेनिकल इंजीनियरिंग) और शिवा कुमार ने VIT के उपाध्यक्ष सेकड़ विस्वनाथन को सौंपा। इस अवसर में छात्रों को उद्योग‑संबंधित प्रशिक्षण उपकरण और खेल‑संबंधी सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा।

समग्र प्रभाव

ऐसी एन्डॉमेंट फंड के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार के इको‑सिस्टम को सुदृढ़ किया जा रहा है। यह न केवल छात्रों को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करता है, बल्कि उन्हें वास्तविक दुनिया के व्यावसायिक चुनौतियों के साथ जोड़ता है। यदि सफल रहा, तो इस मॉडल को अन्य विश्वविद्यालयों में दोहराया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार और उद्यमिता की धारा तेज़ होगी।