पिछले पाँच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए कई पहलें शुरू कीं, लेकिन कार्यान्वयन में चुनौतियों ने उन्हें जटिल बना दिया। इस रिपोर्ट में प्रमुख उपलब्धियों, विवादों और आगे की दिशा का विश्लेषण किया गया है।
मुख्य बिंदु
- NEP 2020 के कार्यान्वयन में गति, लेकिन असमानता बनी रही
- निपुण भारत मिशन ने बुनियादी साक्षरता में सुधार दिखाया
- शिक्षक मानक और उद्योग‑शिक्षा संगम में अभी भी चुनौतियां
धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में प्रस्थान के बाद भी उनका कार्यकाल कई सुधारों से परिपूर्ण रहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) को लागू करने के लिए उन्होंने कई नई पहलें शुरू कीं, जैसे राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा, बहु‑विषयता और तीन‑भाषा सूत्र।
पढ़ाई‑लिखाई में गिरावट को रोकने हेतु निपुण भारत मिशन को लॉन्च किया गया, जिसका लक्ष्य 2026‑27 तक कक्षा‑3 तक सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और गणित की दक्षता दिलाना है। ASER 2024 और PARAKH 2024 द्वारा दर्शाए गए आँकड़े इस दिशा में सकारात्मक संकेत देते हैं, परंतु अभी भी केवल चौथाई बच्चों को ही कक्षा‑2 की पाठ्य सामग्री समझ आती है।
शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय प्रोफेशनल मानक (NPST) पेश किए गए, जिससे शिक्षकों को चार स्तरों – आकांक्षी, दक्ष, विशेषज्ञ, लीड – में वर्गीकृत किया जाता है। हालांकि, इस पहल की कार्यवाही अभी शुरुआत में है और शिक्षकों के बीच जागरूकता कम है।
2025 के यूजीसी नियमों में प्रोफेसरों और उपकुलपति की नियुक्तियों में राज्य के गवर्नर को अधिक अधिकार देना विवादास्पद रहा। साथ ही, नई स्नातक‑स्नातकोत्तर डिग्री नियमावली ने बहु‑विषयता को बढ़ावा दिया, परंतु कई संस्थानों को क्रेडिट ट्रांसफर और क्रॉस‑डिसिप्लिनरी कोर्स समझने में कठिनाई हो रही है।
उद्योग‑शिक्षा संगम की दिशा में Swayam Plus प्लेटफ़ॉर्म ने 500 से अधिक कोर्स लॉन्च किए, जिनमें AI‑for‑All जैसी पहलें प्रमुख हैं। आईआईटी मद्रास के डीन आर. सरथी के अनुसार, 6.5 लाख छात्र इस प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकृत हैं और एक लाख से अधिक ने AI‑ML कोर्स लिए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि शिक्षा‑कौशल अभिसरण भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धा को आकार देगा; इसलिए प्रधान की नीतियों का दीर्घकालिक प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण है।
"NEP 2020 की सफल कार्यान्वयन के लिए राज्य‑स्तर की स्वायत्तता और केंद्र‑स्तर की निगरानी का संतुलन आवश्यक है," कहा शैक्षणिक विशेषज्ञ डॉ. अंजलि सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्र1: निपुण भारत मिशन के अगले चरण में क्या परिवर्तन होंगे?
उत्तर: लक्ष्य को 2030 तक विस्तारित कर सभी कक्षा‑5 छात्रों को बुनियादी साक्षरता सुनिश्चित करना और डिजिटल शिक्षण सामग्री का विस्तार करना।
प्र2: नई यूजीसी नियमावली से निजी विश्वविद्यालयों को कैसे प्रभावित होगा?
उत्तर: नियमावली की लचीलापन निजी संस्थानों को विविध कोर्स बनाने की अनुमति देता है, परंतु नियामक निगरानी की कमी से गुणवत्ता में अंतर पैदा हो सकता है।