जै प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, मरीहां में स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने 31 आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को NEET और JEE में पास करवाया। 40 छात्रों की क्षमता वाले इस केंद्र ने अनुभवी शिक्षक, व्यक्तिगत मेंटरिंग और मुफ्त आवासीय शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन को गति दी।
मुख्य बिंदु
- 31 छात्र (18 NEET, 13 JEE) ने राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा पास की
- केंद्र की क्षमता 40, लेकिन सभी सीटें merit‑based पूरी हुईं
- सभी छात्र आर्थिक‑दुर्बल पृष्ठभूमि से आते हैं, निजी कोचिंग उन्हें नहीं मिलती थी
उत्त प्रदेश सरकार ने बताया कि मिरज़ापुर के मारिहाँ में स्थित जै प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने 18 छात्रों को NEET और 13 छात्रों को JEE में सफलता दिलाई। केंद्र में अनुभवी शिक्षक, नियमित टेस्ट सीरीज़, व्यक्तिगत मेंटरिंग और आधुनिक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
NEET में पूजा रंजन ने 413 अंक लेकर सर्वश्रेष्ठ स्कोर किया, जबकि JEE में प्रीती ने JEE एडवांस्ड तक का रास्ता बना लिया। इस वर्ष के टॉप स्कोरधारी छात्रों में श्वेता पाल (372), खुष्बू (359) और लक्समी रावत (344) शामिल हैं।
इन उपलब्धियों को सरकार ने केवल अंक‑गणना नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, लचीलापन और साहस की कहानियों के रूप में वर्णित किया। आर्थिक बाधाओं के बावजूद ये छात्र अपने सपनों को नहीं छोड़ पाए।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such government‑run excellence centers can bridge the equity gap in competitive exams, fostering a talent pool that reflects India's socio‑economic diversity and boosting regional human capital.
“जब शिक्षा का दायरा सभी के लिए खुल जाता है, तब सामाजिक परिवर्तन की गति तेज़ हो जाती है।” – शशि तिवारी, शिक्षा नीति विशेषज्ञ
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह केंद्र केवल लड़कियों के लिए है?
उत्तर: नहीं, यह सभी योग्य छात्रों के लिए खुला है, चाहे वह लड़के हों या लड़कियां।
प्रश्न 2: क्या इस सफलता के बाद अन्य जिलों में समान केंद्र स्थापित होंगे?
उत्तर: राज्य सरकार ने कहा है कि सफल मॉडल को दोहराते हुए अगले दो वर्षों में 5 नए केंद्र खोलने की योजना है।