मैसूर के जेएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में 71 छात्रों को उनकी स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर एनसीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य बातें

  • जेएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग में 71 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई।
  • कुल स्नातकों में 41 स्नातक (UG) और 30 स्नातकोत्तर (PG) छात्र शामिल थे।
  • एनसीईआरटी के रामानुजम मेगनथन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मैसूर के प्रतिष्ठित जेएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग में बुधवार को एक भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। श्री राजेंद्र शताब्दी सभागार, जेएसएस अस्पताल में आयोजित इस कार्यक्रम में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के सफल छात्रों को उनकी कड़ी मेहनत का फल मिला।

इस वर्ष कुल 71 छात्रों ने अपनी शैक्षणिक यात्रा पूरी की। इसमें 41 छात्र स्नातक (Undergraduate) कार्यक्रमों से थे, जबकि 30 छात्रों ने स्नातकोत्तर (Postgraduate) स्तर पर अपनी डिग्री प्राप्त की। स्नातकोत्तर छात्रों में 16 ने स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी और 14 ने ऑडिओलॉजी में विशेषज्ञता हासिल की है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामानुजम मेगनथन (प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय संबंध प्रभाग, NCERT, नई दिल्ली) थे, जिन्होंने दीक्षांत संबोधन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेएसएस महाविद्यापीठ के कार्यकारी सचिव सी.जी. बेट्सुरमाथ ने की। इस अवसर पर मैसूर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार (मूल्यांकन) एन. नागराजा और जेएसएस महाविद्यापीठ के मेडिकल एजुकेशन डिवीजन के निदेशक आर. महेश भी सम्माननीय अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

संस्थान का महत्व और विशेषज्ञता

जेएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि यह स्पीच और हीयरिंग के क्षेत्र में एक शोध केंद्र भी है। यह संस्थान मैसूर विश्वविद्यालय से संबद्ध है और भारत सरकार के पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा मान्यता प्राप्त है। यहाँ स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रम उपलब्ध हैं जो स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करते हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्पीच और ऑडिओलॉजी जैसे विशेष स्वास्थ्य क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है। जेएसएस जैसे संस्थानों द्वारा नियमित रूप से कुशल विशेषज्ञों को स्नातक करना देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी में बढ़ती विशेषज्ञता भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने के लिए अनिवार्य है।
क्या आप जानते हैं?: जेएसएस इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हीयरिंग मैसूर विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त एक विशिष्ट शोध केंद्र भी है।

Frequently Asked Questions

1. जेएसएस संस्थान किस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखता है?
यह संस्थान स्पीच, हीयरिंग, स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजी और ऑडिओलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है।

2. इस दीक्षांत समारोह में कितने स्नातकोत्तर छात्रों ने भाग लिया?
इस वर्ष कुल 30 स्नातकोत्तर छात्रों ने अपनी डिग्री प्राप्त की।