दिल्ली सरकार ने कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है, जिसमें व्यावसायिक शिक्षा (Kaushal Vikas) और तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, अब छात्र गणित और विज्ञान में 'एडवांस' स्तर का विकल्प भी चुन सकेंगे।

  • कक्षा 9 के लिए 6 मुख्य विषय: भाषा-1, भाषा-2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा।
  • तीसरी भाषा (R3) अब अनिवार्य है, लेकिन यह केवल पास/फेल (Qualifying) आधारित होगी।
  • गणित और विज्ञान में 'एडवांस' स्तर के मूल्यांकन का नया विकल्प पेश किया गया है।
  • 2026-27 सत्र से 'कंप्यूटेशनल थिंकिंग और AI' को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए कक्षा 9 के परीक्षा और पदोन्नति (Promotion) ढांचे में व्यापक संशोधन किया है। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें व्यावसायिक शिक्षा (Kaushal Vikas) के माध्यम से कौशल-आधारित सीखने के लिए तैयार किया जाएगा। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप है।

नई योजना के तहत, कक्षा 9 के छह मुख्य विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें भाषा-1, भाषा-2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा शामिल हैं। इन विषयों के आधार पर ही छात्र की कक्षा 10 में पदोन्नति तय होगी। व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य बनाने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही रोजगार योग्य बनाना और उन्हें व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना है।

तीसरी भाषा और उन्नत विज्ञान का नया ढांचा

शिक्षा निदेशालय ने कक्षा 9 से तीसरी भाषा (R3) को भी अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, इसके मूल्यांकन के नियम लचीले रखे गए हैं। तीसरी भाषा एक 'क्वालीफाइंग' विषय होगा, जिसका मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। यदि कोई छात्र तीसरी भाषा में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे कक्षा 10 में प्रमोट तो कर दिया जाएगा, लेकिन उसे कक्षा 10 के दौरान इसे पास करना अनिवार्य होगा। बिना तीसरी भाषा पास किए छात्र कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे।

एक और महत्वपूर्ण बदलाव गणित और विज्ञान के क्षेत्र में देखा गया है। अब छात्रों के पास 'मैथ्स बेसिक' और 'मैथ्स स्टैंडर्ड' के पुराने ढांचे के बजाय, सामान्य पाठ्यक्रम के साथ 'एडवांस मैथ' और 'एडवांस साइंस' चुनने का विकल्प होगा। यह एडवांस स्तर का मूल्यांकन 25 अंकों का होगा और इसमें उच्च-स्तरीय सोच (Higher-order thinking skills) पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि दिल्ली सरकार का यह कदम पारंपरिक रटंत विद्या प्रणाली को खत्म कर छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। कौशल विकास और AI जैसे विषयों का समावेश छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

शिक्षा में कौशल-आधारित दृष्टिकोण को शामिल करना छात्रों के करियर पथ को अधिक स्पष्ट और भविष्य के अनुकूल बनाता है।
विशेषतापुरानी प्रणालीनई प्रणाली (2026-27)
मुख्य फोकसअकादमिक विषयअकादमिक + कौशल विकास
गणित/विज्ञानबेसिक और स्टैंडर्डसामान्य + एडवांस विकल्प
तीसरी भाषावैकल्पिक/स्वैच्छिकअनिवार्य (क्वालीफाइंग)
तकनीकी विषयसीमितAI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग शामिल

इसके अलावा, 'इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी', कला शिक्षा और शारीरिक शिक्षा को भी अनिवार्य कर दिया गया है। वर्ष 2026-27 से कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (CT & AI) को एक संरचित मॉड्यूल के रूप में पेश किया जाएगा, जो 2027-28 से अनिवार्य विषय बन जाएगा।

Did You Know?: दिल्ली के इस नए पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री धारक बनाना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक दुनिया के कौशल (Real-world skills) से लैस करना है।

Frequently Asked Questions

1. क्या तीसरी भाषा में फेल होने पर छात्र कक्षा 10 में जा पाएगा?
हाँ, छात्र कक्षा 10 में प्रमोट हो जाएगा, लेकिन उसे कक्षा 10 के दौरान तीसरी भाषा पास करना अनिवार्य होगा, अन्यथा वह बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएगा।

2. एडवांस गणित के अंक प्रोमोशन में जुड़ेंगे?
नहीं, एडवांस स्तर के परीक्षा के अंक प्रोमोशन या कुल योग (Aggregate) में नहीं गिने जाएंगे, लेकिन सफल छात्रों के अंकशीट पर इसकी उपलब्धि दर्ज की जाएगी।