पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में 345 AICTE‑स्वीकृत तकनीकी संस्थानों को बंद करने की मंज़ूरी मिली। महाराष्ट्र ने 57 बंदों के साथ सबसे अधिक संख्या दर्ज की, जबकि यूपी और मध्य प्रदेश भी बड़ी संख्या में संस्थान बंद कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु

  • 345 AICTE‑स्वीकृत संस्थान 3 वर्षों में बंद हुए
  • महाराष्ट्र ने 57 बंदों के साथ सर्वाधिक रिकॉर्ड बनाया
  • सरकार ने गुणवत्ता एवं स्थिरता बढ़ाने के लिए नई नीतियां पेश कीं

लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में 17 राज्यों में कुल 345 AICTE‑स्वीकृत तकनीकी संस्थानों को बंद करने की अनुमति दी गई। महाराष्ट्र ने 2026‑27 में ही 35 संस्थान बंद कर सबसे अधिक संख्या दर्ज की, जबकि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ने क्रमशः 14 और 19 संस्थान बंद किए।

राज्य‑वार बंद डेटा

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश2024‑252025‑262026‑27कुल (3 साल)
महाराष्ट्र3193557
उत्तर प्रदेश13271454
मध्य प्रदेश22121953
तमिलनाडु15161445
गुजरात391022

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that लगातार संस्थान बंद होना न केवल शैक्षणिक पहुँच को कमजोर करता है, बल्कि उद्योग‑शिक्षा तालमेल को भी बिगाड़ता है, जिससे रोजगार‑योग्य स्नातकों की संख्या घट सकती है।

"बंद होने की तेज़ गति वित्तीय तनाव और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों का संकेत देती है," कहते हैं डॉ. अनिल शर्मा, शैक्षणिक विश्लेषक।
Did You Know?: इन बंद संस्थानों में से कुछ का निर्माण स्वतंत्रता से पहले हुआ था।

Frequently Asked Questions

  1. AICTE किन मानदंडों के आधार पर बंदी की अनुमति देता है? संस्थान की वित्तीय स्थिति, छात्र संख्या, और कार्यक्रम की मांग को देख कर AICTE अनुमोदन देता है।
  2. बंद संस्थानों के छात्र क्या राहत पाएंगे? सरकार ने संक्रमणकालीन सहायता, पुनःस्थापना विकल्प और फॉर्म‑फी वापसी की घोषणा की है।