झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल छठे दिन भी जारी है। खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर CJP का भी समर्थन मिल गया है।

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मुख्य बिंदु

  • रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और बापू वाटिका में JPSC और JSSC पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन छठे दिन भी जारी।
  • छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
  • सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का राष्ट्रीय समर्थन मिला है, जिससे यह मुद्दा देशव्यापी हो गया है।

हाथों में लहराता तिरंगा, 'वी वांट जस्टिस' के गूंजते नारे, और मूसलाधार बारिश के बीच तिरपाल ताने सड़कों पर डटे युवा—यह नजारा दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर की याद दिलाता है। लेकिन इस बार आंदोलन की यह नई गाथा झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और बापू वाटिका की गलियों में लिखी जा रही है। JPSC (14वीं) और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित धांधली, OMR शीट में हेरफेर और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन अब छठे दिन में प्रवेश कर चुका है।

यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का प्रायोजित एजेंडा नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत रांची के बापू वाटिका मैदान में कुछ सौ परेशान छात्रों के शांत जमावड़े से हुई थी। देखते ही देखते, सोशल मीडिया के माध्यम से जेन-जी (Gen-Z) की एकजुटता ने इसे एक बड़े राज्यव्यापी जन-आंदोलन में बदल दिया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो इस आंदोलन का मुख्य चेहरा बनकर उभरे हैं, जो 14वीं JPSC परीक्षा को तुरंत रद्द करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई (CBI) जांच की मांग को लेकर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

परीक्षा बोर्डछात्रों के मुख्य आरोपप्रमुख मांगें
JPSC (14वीं)OMR शीट में हेरफेर, कट-ऑफ में विसंगतियांपरीक्षा तुरंत रद्द हो, पारदर्शी मूल्यांकन हो
JSSC-CGLपेपर लीक, परीक्षा संचालन में बड़ी धांधलीCBI जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में युवाओं का यह स्वतःस्फूर्त आंदोलन केवल नौकरी की मांग नहीं है, बल्कि यह राज्य की परीक्षा प्रणालियों के प्रति गहरे अविश्वास को दर्शाता है। आज का जेन-जी युवा सोशल मीडिया की ताकत से लैस है और वह बिना किसी पारंपरिक राजनीतिक नेतृत्व के भी अपनी आवाज बुलंद करने में सक्षम है। यह आंदोलन देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक चेतावनी है कि परीक्षा प्रणालियों में सुधार अब बेहद जरूरी हो चुका है।

जैसे-जैसे आंदोलन के दिन बीत रहे हैं, हेमंत सोरेन सरकार पर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव तेजी से बढ़ रहा है। इस प्रदर्शन को अब राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के हक में आवाज उठाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का भी समर्थन मिल गया है। CJP के संस्थापकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर आंदोलनकारी छात्रों से बात कर उनकी मांगों को सही ठहराया है। अब देखना यह है कि क्या यह समर्थन इस स्थानीय आंदोलन को एक राष्ट्रीय क्रांति में बदल पाएगा।

"जब तक राज्य स्तर के भर्ती बोर्डों में पूर्ण पारदर्शिता और तकनीक-आधारित सुरक्षा उपायों को लागू नहीं किया जाता, तब तक युवाओं का यह आक्रोश शांत नहीं होने वाला।" - शिक्षा विशेषज्ञ
क्या आप जानते हैं?: रांची की बापू वाटिका, जो वर्तमान में छात्र आंदोलन का मुख्य केंद्र बनी हुई है, ऐतिहासिक रूप से महात्मा गांधी के शांतिपूर्ण और अहिंसक प्रतिरोध के सिद्धांतों को समर्पित एक स्मारक स्थल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: रांची में छात्र किस मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं?
उत्तर: छात्र मुख्य रूप से 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने, JSSC-CGL पेपर लीक की स्वतंत्र CBI जांच कराने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2: इस आंदोलन को किस राष्ट्रीय संगठन का समर्थन मिला है?
उत्तर: इस आंदोलन को छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का सक्रिय और आधिकारिक समर्थन मिला है।