दिल्ली सरकार ने कक्षा 2 से 8 तक के छात्रों के लिए 'निपुण संकल्प' कार्यक्रम के तहत बेसलाइन मूल्यांकन आयोजित करने का निर्देश दिया है। यह परीक्षण छात्रों के बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को मापने के लिए किया जाएगा।

  • 27 अगस्त से कक्षा 2 से 8 तक के छात्रों के लिए मूल्यांकन शुरू होगा।
  • परीक्षण हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों में आयोजित किए जाएंगे।
  • मूल्यांकन OMR शीट के माध्यम से किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
  • MCD, NDMC और शिक्षा निदेशालय के सभी स्कूलों में यह अनिवार्य है।

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने निर्देश जारी किए हैं कि कक्षा 2 से 8 तक के छात्रों के लिए 27 अगस्त से बेसलाइन मूल्यांकन आयोजित किया जाए। यह पहल 'निपुण संकल्प' कार्यक्रम के अंतर्गत की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) का स्तर जाँचना है।

इस व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया में नगर निगम दिल्ली (MCD), नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC), दिल्ली छावनी बोर्ड (DCB) और शिक्षा निदेशालय (DoE) के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूल शामिल होंगे। मूल्यांकन का कार्यक्रम विषयवार निर्धारित किया गया है: 27 अगस्त को हिंदी, 29 अगस्त को अंग्रेजी और 31 अगस्त को गणित की परीक्षा ली जाएगी।

परीक्षा की पद्धति और नियम

पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित करने के लिए, यह मूल्यांकन OMR-आधारित पद्धति से किया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा के दौरान 'एक डेस्क-एक छात्र' की सख्त व्यवस्था बनाए रखें ताकि मूल्यांकन निष्पक्ष और गोपनीय रहे। कक्षा 2 और 3 के छात्रों के लिए, शिक्षक ही पूरी OMR शीट भरेंगे, जबकि कक्षा 4 से 8 के छात्रों के लिए छात्र स्वयं भाग-A भरेंगे और शिक्षक भाग-B का प्रबंधन करेंगे।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेसलाइन टेस्ट से शिक्षकों को छात्रों की कमियों को समझने और उनके अनुसार शिक्षण पद्धति बदलने में मदद मिलेगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम दिल्ली के शिक्षा ढांचे में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बुनियादी कौशल (Foundational Skills) में कमी अक्सर उच्च कक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन को प्रभावित करती है। 'निपुण संकल्प' के माध्यम से डेटा-संचालित मूल्यांकन से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस क्षेत्र या किस स्कूल में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।

जो छात्र निर्धारित तिथियों पर अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें 5 सितंबर तक एक और अवसर दिया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि प्रशिक्षित शिक्षक ही इस प्रक्रिया का संचालन करें और OMR शीट का सुरक्षित संकलन सुनिश्चित करें।

Did You Know?: 'निपुण भारत' मिशन का लक्ष्य प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे को पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित करने में सक्षम बनाना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यह टेस्ट किन विषयों के लिए है?
उत्तर: यह टेस्ट हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों के लिए आयोजित किया जाएगा।

प्रश्न 2: अगर कोई छात्र परीक्षा के दिन अनुपस्थित रहता है तो क्या होगा?
उत्तर: अनुपस्थित छात्रों को 5 सितंबर तक दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा।