केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षण (CBT) में बदलने पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है। यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के परामर्श से लिया जाएगा।
मुख्य बातें
- NEET-UG को पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में बदलने पर विचार जारी है।
- निर्णय लेने से पहले नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स की सिफारिशों का इंतजार किया जाएगा।
- किसी भी संरचनात्मक बदलाव के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और NMC की सहमति अनिवार्य होगी।
- सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए नए कानून और विशेषज्ञ नियुक्तियों का हवाला दिया।
नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि NEET-UG परीक्षा के स्वरूप में बदलाव, विशेष रूप से इसे पेन-और-पेपर मोड से हटाकर कंप्यूटर आधारित परीक्षण (CBT) में बदलने की संभावना पर सभी हितधारक गंभीरता से विचार कर रहे हैं। यह हलचल 2026 के पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल के बीच आई है।
सरकार ने अदालत में दायर हलफनामे में कहा कि परीक्षा के स्वरूप को बदलने के लिए दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है: या तो एक एकल चरण वाली परीक्षा या फिर JEE की तर्ज पर दो चरणों वाली (Mains और Advanced) परीक्षा। हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि NEET-UG एक विशिष्ट परीक्षा है जिसमें 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं की है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि NEET-UG को डिजिटल मोड में स्थानांतरित किया जाता है, तो यह न केवल परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करेगा, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप को कम करके पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने में भी मदद करेगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
डिजिटल परिवर्तन पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है, लेकिन बुनियादी ढांचे की समानता सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी चुनौती होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स की रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा, 2026 के सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम को भविष्य की धांधलियों को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
NEET-UG भारत की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा है। पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, जिसके कारण अब सरकार पूरी प्रणाली को तकनीक के माध्यम से पुनर्गठित करने की कोशिश कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या NEET-UG अब पूरी तरह ऑनलाइन होगा?
अभी इस पर केवल विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय टास्क फोर्स की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा।
2. क्या बदलाव से छात्रों को परेशानी होगी?
सरकार ने आश्वासन दिया है कि किसी भी बदलाव से पहले छात्रों को पर्याप्त अग्रिम सूचना दी जाएगी ताकि संक्रमण सुचारू हो सके।