झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। सरकार से वार्ता न होने पर अभ्यर्थी अब अन्न-जल त्यागकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं और CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्र 10 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
- अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा की गई 11 गिरफ्तारियों को केवल 'दिखावा' बताया है।
- छात्रों की मुख्य मांग केंद्रीय एजेंसियों (CBI और ED) द्वारा जांच कराई जाए।
- राहुल, अर्चना और हबीबा जैसे प्रमुख अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
झारखंड की राजधानी रांची में युवाओं का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में छात्र पिछले 10 दिनों से निरंतर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन या वार्ता न होने के कारण, अब आंदोलनकारी छात्रों ने 'आर-पार की लड़ाई' का मन बना लिया है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तपती धूप और बारिश के बीच, राहुल, अर्चना और हबीबा समेत दर्जनों अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार केवल छोटे मोहरों को पकड़कर मामले को रफा-दफा करना चाहती है। छात्र कहना चाहते हैं कि असली मास्टरमाइंड अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि झारखंड के हजारों युवाओं के भविष्य और सिस्टम की विश्वसनीयता का सवाल है। यदि परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं आती है, तो राज्य की प्रतिभा का पलायन और व्यवस्था के प्रति अविश्वास और गहरा होगा।
'172 नंबर लाने के बावजूद मुझे नौकरी नहीं मिली, जबकि कम अंक वाले को नियुक्ति पत्र मिल गया—यह सिस्टम की विफलता है।' - अभ्यर्थी राहुल क्रांति कुमार
अभ्यर्थी राहुल क्रांति कुमार ने राज्य की सीआईडी (CID) पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राज्य की जांच एजेंसियां अक्सर प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए रिपोर्ट बदल देती हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक CBI और ED मामले की तह तक नहीं जाते, उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
| मांग का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| जांच एजेंसी | CBI और ED द्वारा पिछले 7 वर्षों की सभी विवादित परीक्षाओं की जांच। |
| दोषियों पर कार्रवाई | केवल पेपर बेचने वालों ही नहीं, बल्कि खरीदने वाले सफेदपोशों की भी गिरफ्तारी। |
| पारदर्शिता | OMR शीट में 5वां विकल्प और पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. छात्र किस एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं?
छात्रों की मांग है कि राज्य की CID के बजाय CBI और ED द्वारा जांच की जाए।
2. आंदोलन का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य कारण JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली और योग्य छात्रों के बजाय कम अंक वाले अभ्यर्थियों का चयन होना है।