महाराष्ट्र खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे ने सभी स्कूलों में राष्ट्रीय पोषण संस्थान के दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षित और संतुलित भोजन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। यह आदेश सरकारी, aided और निजी स्कूलों सहित सभी बोर्डों को लागू होगा।

मुख्य बिंदु

  • महाराष्ट्र में सभी स्कूलों को राष्ट्रीय पोषण संस्थान के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
  • हाई‑फैट, हाई‑साल्ट, हाई‑शुगर (HFSS) खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध।
  • स्कूलों को स्वास्थ्य एवं पोषण अभियांत्रिकी अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य।

आदेश का विवरण

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक अनुपालन आदेश जारी किया, जिसमें सभी सरकारी, aided और निजी स्कूलों को सुरक्षित, संतुलित और पोषक भोजन प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश प्री‑प्राइमरी से लेकर माध्यमिक स्तर, बोर्ड‑अफ़िलिएटेड, CBSE और ICSE स्कूलों, साथ ही आवासीय स्कूलों, हॉस्टलों और कैंटीनों को कवर करता है, जबकि 22 महीने तक के बच्चे वाले डे‑केयर को छोड़कर।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले दो दशकों में भारत में बच्चों में मोटापे और पोषण‑सम्बंधी समस्याओं में वृद्धि देखी गई है। 2018 में महाराष्ट्र ने पहली बार स्कूलों में जंक‑फ़ूड पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी, लेकिन वह केवल कुछ निजी स्कूलों तक सीमित रहा। वर्तमान आदेश उन सीमाओं को हटाकर राज्य‑व्यापी लागू करता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that enforcing dietary guidelines at the school level can reduce childhood obesity rates by up to 15% within five years, directly influencing long‑term public health costs.

"स्कूलों में स्वस्थ भोजन का पालन बच्चों की शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है," कहा पोषण विशेषज्ञ डॉ. राधिका शेट्टी ने।

Did You Know?

क्या आप जानते हैं? भारत में बच्चों में मोटापा दर पिछले दो दशकों में दो गुना बढ़ा है।

Frequently Asked Questions

  • प्रश्न: क्या स्कूलों को HFSS आइटम बेचने पर जुर्माना लगेगा?
  • उत्तर: हाँ, उल्लंघन करने वाले स्कूलों को सुधार नोटिस, लाइसेंस रद्दीकरण या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
  • प्रश्न: इस आदेश के तहत स्कूलों को कौन सी नई जिम्मेदारियां निभानी होंगी?
  • उत्तर: लाइसेंस प्राप्त करना, स्वास्थ्य एवं वेलनेस एम्बेसडर नियुक्त करना, चेतावनी बोर्ड लगाना और 50 मीटर के दायरे में HFSS बिक्री की रिपोर्ट देना।